देश में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बढ़ रहा है। एक शहर से दूसरे शहर तक तेज रफ्तार सड़कें बन रही हैं और दूरियां सिमट रही हैं। भारी ट्रैफिक वाले इलाकों में एलिवेटेड कॉरिडोर बनाकर आम जनता को जाम के झाम से बचाया जा रहा है। देश में एक के बाद एक कई एक्सप्रेसवे बन रहे हैं और कई अन्य सड़कों को भी आधुनिक युग की जरूरतों के अनुसार बदला जा रहा है। ऐसा ही एक रूट है, जिसको 1 दिसंबर को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। चलिए जानते हैं इस रोड कॉरिडोर के बारे में।
मैदानी इलाकों के जाम से बचाकर वादियों में पहुंचा देगी ये सड़क
चंडीगढ़-अंबाला ग्रीन कॉरिडोर के तहत बनाया जा रहा 31 किलोमीटर लंबा मोहौला-खराड़-कुराली बाईपास 1 दिसंबर को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस बाईपास को काफी पहले ही खुल जाना चाहिए था, लेकिन यह पूर्व में अपनी तीन डेडलाइन मिस कर चुका है। उम्मीद की जा रही है कि इस 6 लेन के नए हाईवे के आम वाहनों के लिए खुल जाने पर मोहाली में एयरपोर्ट रोड पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
हिमाचल-कश्मीर जाना हो जाएगा आसान
बता दें कि NH-205A ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को भारत सरकार ने भारतमाला परियोजना के तहत बनाया है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 1400 करोड़ रुपये है। करीब 31 किमी लंबा यह नया हाईवे मोहाली में आईटी चॉक से शुरू होता है और कुराली तक जाता है। कुराली में यह हाईवे आगे सिसवन-बद्दी स्ट्रैच को कनेक्ट करता है। यह कॉरिडोर हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की ओर जाने वाले वाहनों को डायरेक्ट और फास्ट रूट उपलब्ध कराएगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों के अनुसार कुराली क्षेत्र में हाई-टेंशन पावर लाइन के कारण पूर्व में इस हाईवे का काम बाधित हो गया था। उन्होंने बताया कि अब इसका निर्माण कार्य पूरा हो गया है। रोड मार्किंग, साइनेज लगाने और अन्य छोटे-मोटे काम भी आने वाले कुछ दिनों में पूरे कर लिए जाएंगे।
29-30 नवंबर को ट्रायल रन
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों का कहना है कि इस रोड पर 29 और 30 नवंबर को ट्रायल रन किया जाएगा। सब कुछ ठीक रहा तो 1 दिसंबर से इस रूट को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। हालांकि, बता दें कि इस रूट पर कुछेक गाड़ियां तो अभी से ही फर्राटा भर रही हैं।
जानकारों को विश्वास है कि नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के खुल जाने से बद्दी, न्यू चंडीगढ़ और मोहाली के बीच ट्रैफिक व्यवस्थित हो जाएगा। इससे न सिर्फ सफर में समय कम लगेगा, बल्कि इस रूट और क्षेत्र में मौजूद इंडस्ट्रियल व कॉमर्शियल एक्टिविटीज को भी अच्छा बूस्ट मिलेगा।
अत्याधुनिक है ये हाईवे
इस प्रोजेक्ट पर काम करने वाले इंजीनियरों के अनुसार रोड को बनाने में सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। इसे बनाने में बेहतरीन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। सर्विस लेन बनाई गई हैं, आधुनिक लाइटिंग सिस्टम इस हाईवे पर लगाया गया है और पूरे रूट पर एडवांस साइनबोर्ड लगाए गए हैं। NHAI के प्रोजेक्ट मैनेजर गौरव के अनुसार काम पूरा हो गया है और 1 दिसंबर को इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
पंजाब में बारिश और बाढ़ के कारण हुई देरी
इस हाईवे का निर्माण महाराष्ट्र की एक कंपनी कर रही है। अक्टूबर 2022 में इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ था। लेकिन पंजाब में भारी बारिश और बाढ़ के चलते जून और सितंबर में इसका निर्माण कार्य पूरा करने की डेडलाइन मिस हो गई। यह प्रोजेक्ट पूर्व में प्लान और भारी लागत के कारण ठंडे बस्ते में डाल दिए गए खराड़-बनूर-तापला रोड का विकल्प होगा। इस नए बायपास को अब चंडीगढ़-मोहाली क्षेत्र के लिए भविष्य की लाइफलाइन माना जा रहा है।
NHAI ने इस हाईवे पर बझेड़ी गांव के पास पूरी तरह से ऑटोमेटिड टोल प्लाजा बनाया है। टोल प्लाजा पर दोनो तरफ 8-8 लेन बनाए गए हैं और एक अतिरिक्त लेन भारी या ओवरसाइज वाहनों के लिए बनाई गई है। जैसे ही यहां से गाड़ी गुजरेगी, वैसे ही अपने-आप टोल कट जाएगा, इससे टोल प्लाजा पर स्टाफ की जरूरत खत्म हो गई। यहां पर सिर्फ दो मॉनिटरिंग कैबिन बनाए गए हैं, जो यहां के पूरे ऑपरेशन पर नजर बनाए रखेंगे।
FAQs
Mohali-Kharar-Kurali bypass कब खुल रहा है?
यह 31 किमी लंबा ग्रीनफील्ड बाईपास 1 दिसंबर 2025 से आम जनता के लिए खुल जाएगा।
नया चंडीगढ़-अंबाला ग्रीन कॉरिडोर से ट्रैफिक को क्या फायदा होगा?
इस हाईवे के खुलने से मोहाली, न्यू चंडीगढ़ और बद्दी के बीच ट्रैफिक दबाव कम होगा और यात्रा समय घटेगा।
NH-205A ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की लागत कितनी है?
चंडीगढ़-अंबाला ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट भारतमाला योजना के तहत लगभग 1400 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है।
चंडीगढ़-अंबाला ग्रीन कॉरिडोर हाईवे की खास बातें क्या हैं?
सुरक्षित डिजाइन, आधुनिक लाइटिंग, सर्विस लेन, एडवांस साइनबोर्ड और पूरी तरह ऑटोमेटेड टोल प्लाजा इसकी मुख्य विशेषताएं हैं।
चंडीगढ़-अंबाला ग्रीन कॉरिडोर किन क्षेत्रों को लाभ पहुंचाएगा?
यह कॉरिडोर मोहाली, बद्दी, न्यू चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जाने वाले वाहनों को तेज और डायरेक्ट रूट उपलब्ध कराएगा, जिससे उद्योग और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
