Gujarat News: गुजरात के वलसाड जिले के कपराडा तालुका के असलोना गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां अंधविश्वास के कारण एक 14 वर्षीय बच्ची शोषण का शिकार बन गई। ये घटना भले चौंकाने वाली हो लेकिन नई नहीं है। देश भर से आए दिन ऐसे मामले सामने आते हैं जहां अंधविश्वास के फेर में पड़कर लोग जान तक से खिलवाड़ कर लेते हैं और कई बार कर देते हैं।
गिरफ्तार आरोपी तांत्रिक
उपचार के नाम पर दुष्कर्म
यह घटना वलसाड की है जहां पारडी क्षेत्र की रहने वाली एक बच्ची कुछ दिनों से बीमार थी। परिवार ने सही तरीके से इलाज कराने के बजाय एक तांत्रिक की शरण ली, जिसने दावा किया कि वह प्रार्थना और अनुष्ठान करके बच्ची को ठीक कर देगा लेकिन उसे कुछ दिनों तक बच्ची को अपने साथ रखना होगा। तांत्रिक ने बच्ची को अपने पास रखने की बात कहकर माता-पिता को घर भेज दिया। तीन दिनों तक उसने बच्ची को मंदिर में रखा और कथित रूप से 'उपचार' के नाम पर पूजा-पाठ की। बाद में वह बच्ची को पहाड़ी इलाके में घुमाने के बहाने ले गया, जहां उसने उसके साथ दुष्कर्म किया।
तांत्रिक गिरफ्तार
घटना की जानकारी मिलने पर परिजनों ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। कपराडा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि उसके खिलाफ पॉक्सो अधिनियम और दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
झारखंड में हुई थी एक हत्या
कुछ दिनों पहले झारखंड के गढ़वा जिले में एक महिला की अंधविश्वास के चक्कर में आत्महत्या कर दी गई। जिले के भंडरिया प्रखंड में एक 60 वर्षीय महिला की कथित रूप से कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, गांव के एक निवासी ने महिला पर जादू-टोना करने का आरोप लगाया था। यह घटना 7 अक्टूबर की शाम मदगड़ी गांव में हुई, जहां पीड़िता फुलकुरिया देवी पर उनके पड़ोसी बघा ने कथित रूप से हमला किया। पुलिस का कहना है कि यह हमला महिला को 'डायन' समझने की आशंका के चलते किया गया।
