दो बड़े महानगरों के बीच की दूरी 320 किमी कम कर देगा ये ग्रीनफील्ड Expressway

केंद्र सरकार के प्रस्तावित सूरत-कुरनूल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से दो बड़े महानगरों के बीच दूरी करीब 320 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि इस परियोजना से यात्रा का समय घटेगा और ट्रांसपोर्ट लागत भी कम होगी। यह एक्सप्रेसवे उत्तर और दक्षिण भारत के बीच तेज और बेहतर कनेक्टिविटी का नया रास्ता बनेगा।

देश में लगातार एक्सप्रेसवे का जाल बिछाया जा रहा है। देश का सबसे लंबा दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे, समृद्धि एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे इसके उदाहरण हैं। एक्सप्रेसवे से शहरों की दूरियां कम होती हैं और सफर में समय भी कम लगता है। लेकिन देश में एक ऐसा एक्सप्रेसवे भी बनाया जा रहा है, जो दो बड़े महानगरों की दूरी को 320 किमी तक कम कर देगा। जिस एक्सप्रेसवे की हम यहां बात कर रहे हैं वह देश के दूसरे सबसे बड़े इकोनॉमिक कॉरिडोर का हिस्सा है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के बाद यह इकोनॉमिक कॉरिडोर दूसरे नंबर पर आता है।

Surat Kurnool Expressway

ये एक्सप्रेसवे लेकर आएगा दो महानगरों को नजदीक

इस एक्सप्रेसवे का नाम क्या है?

जिस इकोनॉमिक कॉरिडोर की हम यहां बात कर रहे हैं, वह 1271 किमी लंबा सूरत-चेन्नई इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-150C) है। इसमें 38.2 किमी लंबा 6 लेन का वह हिस्सा भी है, जो जुलेखाली गांव को आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले से जोड़ेगा। खासतौर पर हम यहां 1271 किमी लंबे इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के सूरत-कुरनूल एक्सप्रेसवे की बात कर रहे हैं।

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