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Amroha: दिनदहाड़े पत्थरबाजी से दहला अमरोहा, कईयों के फूटे सिर; भरे चौराहे पर खूनी संघर्ष

उत्तर प्रदेश के अमरोहा में दिनदहाड़े सड़क पर दो पक्षों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई। ठेले पर जूस को लेकर विवाद की उत्पत्ति हुई जो बवाल में बदल गई। इस संघर्ष में कई लोगों के सिर फूटे हैं।

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अमरोहा में खूनी संघर्ष

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

अमरोहा: नगर में बुधवार की दोपहर दिनदहाड़े दो पक्षों में जमकर पत्थरबाजी से इलाके में अफरातफरी मच गई। इस दौरान लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते दिखाई दिए। करीब पन्द्रह मिनट तक खुलेआम लोग एक दूसरे पर पत्थर फेंकते रहे। इस खूनी संघर्ष में कई लोगों को गंभीर चोटें आई, किसी के सिर फूटे तो कई लहूलुहान हो गए। स्थानीय लोगों के मुताबिक, ठेले पर जूस पीने के दौरान विवाद शुरू हुआ था। देखते ही देखते गहमागहमी के बीच बड़ी संख्या में लोग आमने सामने आ गए और मारपीट के बाद लोग एक-दूसरे पर ईंट पत्थर फेंकने लगे। फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में 10 नामजद सहित 30 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। साथ ही घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया है।

दिनदहाड़े पत्थरबाजी चौराहे पर अफरा-तफरी

दरअसल, यह घटना अमरोहा नगर कोतवाली इलाके में लकड़ा चौराहे पर हुई। लकड़ा चौराहे पर आसिफ नाम का शख्स जूस का ठेला लगाता है। आसिफ का आरोप है कि उसके ठेले पर नौगांव सादात थाना अंतर्गत स्थित गांव सैदपुर ईम्मा के रहने वाले कुछ लोग जूस लेने आए थे। जूस पीने को लेकर उन लोगों में कहासुनी हो गई। आरोप है कि तभी उक्त लोगों ने कुछ अपने साथियों को बुला लिया और मारपीट करने लगे, जिसके बाद यह मारपीट पत्थरबाजी में बदल गई। करीब 15 मिनट तक सड़क पर दिनदहाड़े पत्थरबाजी होती रही। इस पत्थरबाजी से इलाके में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।

उधर, इस मामले में थाना प्रभारी राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि इस मामले में 10 नामजद सहित 30 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ा जाएगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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