उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) की लखनऊ इकाई ने कोडीनयुक्त कफ सिरप के कथित अवैध भंडारण और तस्करी के मामले में वाराणसी से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने रविवार को इसकी जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान वाराणसी के मैदागिन निवासी अमित यादव के रूप में हुई है। उसे शनिवार को हरहुआ रिंग रोड के पास से पकड़ा गया। एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि उसके खिलाफ लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाने में कफ सिरप तस्करी के आरोप में पहले से मामला दर्ज था और वह फरार चल रहा था।
कोडीन कफ सिरप मामले में सपा की युवा शाखा के पूर्व राज्य सचिव गिरफ्तार (फोटो Canva&IANS)
अमित यादव ने क्या-क्या बताया?
पीटीआई के अनुसार पूछताछ के दौरान अमित यादव ने खुद को हरिश्चंद्र पोस्टग्रेजुएट कॉलेज का पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और समाजवादी पार्टी की युवा सभा का पूर्व राज्य सचिव बताया। अधिकारियों के अनुसार, कॉलेज के दौरान उसकी मुलाकात शुभम जायसवाल से हुई थी। आरोप है कि शुभम के पिता भोला प्रसाद की कंपनी ‘शैली ट्रेडर्स’ कथित रूप से एबॉट की ‘फेंसेडिल’ कफ सिरप की तस्करी से जुड़ी थी।
क्या है पुलिस का दावा?
पुलिस का कहना है कि कोडीनयुक्त कफ सिरप का दुरुपयोग नशे के रूप में किया जाता है और पश्चिम बंगाल तथा बांग्लादेश में इसकी मांग अधिक रहती है। जांच में सामने आया है कि कथित रूप से लाभ के उद्देश्य से अमित ने शुभम के कहने पर अपनी कंपनी ‘जीएल सर्जिकल’ के माध्यम से एक लाख से ज्यादा बोतलें खरीदीं और उन्हें दूसरी कंपनी के नाम पर फर्जी बिक्री दिखाकर ऊंची कीमत पर बेच दिया। अधिकारियों के अनुसार, अमित यादव के खिलाफ पहले से दंगा, हत्या के प्रयास और धोखाधड़ी जैसे मामले दर्ज हैं। एसटीएफ राज्यभर में कोडीनयुक्त कफ सिरप के कथित अवैध नेटवर्क की जांच कर रही है।
सीएम योगी ने किया था दावा
इस मामले को लेकर पिछले वर्ष दिसंबर में विधानसभा में चर्चा हुई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि सरकार के संज्ञान में कोडीन सिरप से मौत का कोई मामला नहीं आया है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि इस प्रकरण के कुछ आरोपियों के संबंध समाजवादी पार्टी से जुड़े पाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने सदन में तस्वीरें दिखाकर आरोप लगाया था कि एक आरोपी अमित यादव को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ देखा गया था। साथ ही यह भी कहा गया कि कथित सरगना शुभम जायसवाल के भी सपा से संबंध थे और वह अमित का कारोबारी साझेदार था।
