स्पाइसजेट को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका, 144 करोड़ जमा करने के लिए नहीं मिला और वक्त

यह पूरा मामला उस आर्बिट्रल अवॉर्ड से जुड़ा है, जो काल एयरवेज और कलानिथि मारन के पक्ष में आया था। स्पाइसजेट और अजय सिंह ने इस अवॉर्ड को चुनौती देते हुए आर्बिट्रेशन एंड कॉन्सिलिएशन एक्ट की धारा 34 के तहत याचिका दाखिल कर रखी है।

स्पाइसजेट और अजय सिंह की 144 करोड़ रुपए जमा करने के लिए और समय देने की मांग दिल्ली हाईकोर्ट ने नहीं मानी। कोर्ट ने नई अर्जी पर न तो नोटिस जारी किया और न ही जमा रकम के लिए कोई अतिरिक्त समय दिया।

SpiceJet Pilots Salary Hike

स्पाइसजेट एयरलाइन

दिल्ली हाईकोर्ट में आज स्पाइसजेट लिमिटेड और उसके चेयरमैन अजय सिंह की ओर से नई अर्जी दाखिल कर ₹50 करोड़ और ₹94 करोड़, यानी कुल ₹144 करोड़ जमा करने के लिए और समय मांगा गया था। यह रकम कोर्ट के पहले के आदेशों के तहत आर्बिट्रल अवॉर्ड के मुताबिक जमा की जानी है। जिसपर सुनवाई करते हुए जस्टिस सुब्रह्मण्यम प्रसाद की अध्यक्षता वाली बेंच ने अर्जी पर फिलहाल कोई राहत नहीं दी। कोर्ट ने काल एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड और कलानिथि मारन को कानून के तहत उपलब्ध कार्रवाई करने की छूट दी है। कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसी कोई कार्रवाई की जाती है तो वह उस पर उचित फैसला लेगा। इसके बाद कोर्ट ने स्पाइसजेट की इस नई अर्जी को सितंबर 2026 में पहले से लंबित अर्जी के साथ लगाने का निर्देश दिया।

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