'वीडियो कॉल पर दिखा दो अंतिम संस्कार', सोनीपत में बेटियों के इंतजार में पिता ने तोड़ा दम, बोलीं-पापा के पास आने का समय नहीं

हरियाणा के सोनीपत स्थित एक वृद्धाश्रम में रह रहे पूर्व कपड़ा व्यापारी शिवचरण रतन गुप्ता की बेटियों से मिलने की तड़प में मौत हो गई। महाराष्ट्र के रहने वाले शिवचरण ने अपनी तीन बेटियों को पढ़ा-लिखाकर सरकारी शिक्षक बनाया था, लेकिन मौत की सूचना मिलने के बाद भी कोई बेटी अंतिम दर्शन के लिए नहीं पहुंची।

हरियाणा के सोनीपत से रिश्तों के खोखलेपन और आधुनिक समाज की कड़वी सच्चाई को उजागर करने वाली एक बेहद भावुक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्ग पिता अपनी बेटियों से एक बार मिलने की आस दिल में लिए दुनिया से चले गए लेकिन अफसोस, जिन बेटियों के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन खपा दिया, उनके पास पिता के अंतिम दर्शन तक का समय नहीं था।

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सोनीपत के वृद्धाश्रम में पिता की मौत

मृतक बुजुर्ग की पहचान महाराष्ट्र के रहने वाले शिवचरण रतन गुप्ता के रूप में हुई है। शिवचरण कभी कपड़े के एक बड़े व्यापारी हुआ करते थे। उनका कोई बेटा नहीं था, इसलिए उन्होंने अपनी तीन बेटियों को बड़े लाड-प्यार से पाला, अच्छी शिक्षा दी और उन्हें काबिल बनाया। उनकी दो बेटियां आज सरकारी शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं। लगभग डेढ़ साल पहले शिवचरण अपनी पत्नी मीना गुप्ता के साथ सोनीपत के एक वृद्धाश्रम में आकर रहने लगे थे।

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