JEN Paper Leak Case: राजस्थान में जूनियर इंजीनियर भर्ती परीक्षा 2020 (JEN) के पेपर लीक हुआ था। पेपर लीक मामले पर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने बड़ी कार्रवाई की है। जानकारी के अनुसार, एसओजी की 14 टीमों ने आरोपी हर्षवर्धन मीणा, राजेंद्र यादव समेत अन्य आरोपियों के ठिकानों और रिश्तेदारों के अड्डों पर एक साथ छापेमारी की है। इसके अलावा राजस्थान के दौसा और जयपुर इलाके में सर्च अभी जारी है। पेपर लीक मामले की मॉनिटरिंग का कार्य एटीएस और एसओजी एडीजी वीके सिंह द्वारा किया जा रहा है। एडीजी वीके सिंह ने बताया कि JEN भर्ती परीक्षा पेपर लीक के मामले में हर्षवर्धन मीणा एक मोहरा है। इसका मास्टरमाइंड कोई और ही है। पेपर लीक करने वाला मुख्य आरोपी फिलहाल फरार है। मास्टरमाइंड को ढूंढने के लिए एसओजी और पुलिस का सर्च कई इलाकों में जारी है।
पेपर लीक करने वाले आरोपियों के ठिकानों पर SOG की छापेमारी
एडीजी ने किया मामले पर बड़ा खुलासा
एसओजी द्वारा पेपर लीक मामले की जांच की जा रही है। एटीएस एवं एसओजी के एडीजी वीके सिंह ने मामले पर बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि शुरुआत में हर्षवर्धन मीणा को JEN भर्ती परीक्षा 2020 का पेपर लीक करने वाला मास्टरमाइंड समझा जा रहा था। वीके सिंह ने बताया कि हर्षवर्धन मीणा की गिरफ्तार पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा गया था। मामले की जांच के दौरान पता लगा कि इसका मास्टरमाइंड कोई और है।
पुलिस मीणा और उसके साथी राजू यादव को नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। पुलिस की पूछताछ में पता लगा की मीणा को परीक्षा का पेपर वॉट्सऐप पर मिला था, जिसे उसने अभ्यार्शियों और दलालों को आगे करीब 2 करोड़ रुपये में बेचा था। पूछताछ के दौरान ये भी पता लगा की पेपर हायर सेकेंडरी स्कूल खातीपुरा के थर्ड ग्रेड टीचर राजेंद्र कुमार यादव द्वारा लीक किया गया है, जो कि फिलहाल फरार है। जयपुर और दौसा समेत जयपुर के करधनी, वैशाली नगर, झोटवाड़ा और चित्रकूट इलाके में भी सर्च जारी है।
