अक्षय तृतीया यानी 30 अप्रैल से उत्तराखंड की चारधाम यात्रा शुरू हो रही है। जिसको लेकर पंडा समाज ने एक बड़ा फैसला लिया है। सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसरों की एंट्री पर बैन लगाने की तैयारी की गई है। केदारनाथ-बद्रीनाथ पंडा समाज ने तय किया है रील और वीडियो बनाने वालों को मंदिर के परिसर में आने नहीं दिया जाएगा और कोई ऐसा करता मिलेगा तो उसे बिना दर्शन कराए लौटा दिया जाएगा। इसके बारे में प्रशासन को भी जानकारी दे दी गई है।
चारधाम यात्रा में रील बनाने वालों की एंट्री बंद
कैमरा चालू करने पर रोक
यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए कई इंतजाम किए गए हैं। पिछले साल वीडियो बनाने वाले यात्रियों की वजह से कई जगह पर व्यवस्था बिगड़ गई थी। समुद्र तल से 12 हजार फीट ऊपर केदारनाथ धाम में सिर्फ रील बनाने के लिए ढोल नगाड़ों का शोर किया गया था। इससे प्रकृति और श्रद्धालुओं की शांति भंग हो रही थी। अव्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन ने कैमरा चालू करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।
पैसों के बदले VIP दर्शन बंद
इसके अलावा पैसे देकर VIP दर्शन की व्यवस्था भी धामों पर बंद रहेगी। पैसे लेकर दर्शन कराने को बद्रीनाथ के पंडा पंचायत के कोषाध्यक्ष ने भगवान की मर्यादा के खिलाफ कहा गया। इससे सभी श्रद्धालु समान रूप से दर्शन कर पाएंगे।
9 लाख लोगों ने किया रजिस्ट्रेशन
इस बार चार धाम यात्रा 30 अप्रैल से शुरू होगी। 30 अप्रैल यानी अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे। 2 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे और 4 मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे। इस बार की चार धाम यात्रा के लिए अब तक 9 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है, जिसके और बढ़ने की संभावना है।
