NEET Paper Leak: राजस्थान का सिकर अब सिर्फ कोचिंग हब ही नहीं, बल्कि NEET पेपर लीक मामले की जांच का बड़ा केंद्र भी बन गया है। जिले की पिपराली रोड, जिसे लोग अब 'कोचिंग रोड' के नाम से जानते हैं, देशभर के मेडिकल और इंजीनियरिंग छात्रों के लिए बड़ा एजुकेशन सेंटर मानी जाती है। सड़क के दोनों ओर बड़े-बड़े कोचिंग संस्थान और हॉस्टल मौजूद हैं और कई लोग इसे अब कोटा से भी बड़ा कोचिंग हब मानने लगे हैं।
इसी पिपराली रोड स्थित गुरुकृपा कोचिंग ने सबसे पहले कथित NEET पेपर लीक मामले को उजागर किया। कोचिंग संस्थान से जुड़े शिक्षक शशिकांत ने सीकर के उद्योग नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि परीक्षा का पेपर पैसों के बदले छात्रों तक पहुंचाया जा रहा है।
NTA तक मामला पहुंचा, सुरक्षा एजेंसियां हुईं एक्टिव
जब स्थानीय स्तर पर शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो मामला सीधे NTA तक पहुंचाया गया। इसके बाद जांच एजेंसियां एक्टिव हुईं और धीरे-धीरे पूरा मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया। जांच में कई राज्यों तक फैले नेटवर्क और कोचिंग कनेक्शन की बात सामने आने लगी।
इसी इलाके में मौजूद आरके कंसल्टेंसी सेंटर भी अब जांच एजेंसियों के रडार पर है। सेंटर संचालक राकेश मंडावरिया से राजस्थान SOG और CBI दोनों पूछताछ कर चुकी हैं। जांच के दौरान एजेंसियों ने सेंटर से CCTV फुटेज भी जब्त किए हैं। हालांकि फिलहाल राकेश को हिरासत से छोड़ दिया गया है, लेकिन जांच एजेंसियां अब भी उसकी भूमिका और पेपर के स्रोत को लेकर पड़ताल कर रही हैं। पूरे मामले ने सीकर के तेजी से बढ़ते कोचिंग नेटवर्क और परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
बड़े लोगों को बचाया जा रहा...
जयपुर: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक ने बुधवार को आरोप लगाया कि इस रैकेट में शामिल बड़े लोगों को बचाया जा रहा है, जबकि जांच एजेंसियां छोटे खिलाड़ियों को निशाना बना रही हैं। यह बात तब कही गई जब बुधवार देर शाम जयपुर में एक मजिस्ट्रेट के आवास पर पेश किए जाने के बाद आरोपियों को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बाहर ले जाया जा रहा था।
न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, जब मीडिया वालों ने गाड़ी के अंदर बैठे आरोपियों से सवाल करने की कोशिश की, तो उनमें से एक चिल्लाया: 'बड़े लोगों को बचाया जाता है और आम आदमी को परेशान किया जाता है।'
