गुजरात में अंधविश्वास का खूनी खेल; मासूम की हत्या के मामले में तांत्रिक महिला गिरफ्तार, पोस्टमॉर्टम ने खोला राज

गुजरात के ध्रांगध्रा में सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने अंधविश्वास की खतरनाक सच्चाई को उजागर कर दिया है। चार साल के मासूम कार्तिक की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब अब पुलिस तलाश रही है।

Gujarat News: कभी-कभी कहानियां डरावनी नहीं होतीं…बल्कि सच्चाई ही इतनी भयावह होती है कि किसी भी कहानी को मात दे दे। गुजरात के ध्रांगध्रा के पुनीतनगर इलाके से सामने आया यह मामला उसी सच्चाई का आईना है, जहां अंधविश्वास ने एक मासूम की जिंदगी निगल ली। चार साल के कार्तिक की हत्या के मामले में गिरफ्तार तांत्रिक महिला रेहानाबेन मायाक को अदालत ने दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान इस पूरे घटनाक्रम के पीछे के कई अहम राज सामने आ सकते हैं।

Dhrangadhra Child Death

तांत्रिक महिला के अंधविश्वास ने छीन ली मासूम की जिंदगी

कहां से शुरू हुआ पूरा मामला?

इस मामले की शुरुआत एक ऐसे परिवार से होती है, जहां पहले से चार बेटियां थीं। बेटे की चाह में परिवार रेहाना बेन के संपर्क में आया, जो खुद को ‘माताजी का भुवा’ बताती थी। उसने परिवार को भरोसा दिलाया कि वह उनके घर बेटे का जन्म करवा सकती है। समय बीता और कार्तिक का जन्म हुआ। परिवार ने इसे चमत्कार माना, लेकिन असली खेल तो इसके बाद शुरू हुआ।

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