Lotus Zing Society Water Problem: दिल्ली के कई इलाकों में जल संकट की खबरों के बीच अब नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के निकट स्थित सेक्टर-168 की लोटस जिंग सोसाइटी के निवासी भी गंभीर पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। पिछले पांच दिनों से सोसाइटी में पानी की आपूर्ति बाधित होने के कारण सैकड़ों परिवारों को दैनिक जरूरतों को पूरा करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि लोगों को पीने के पानी, खाना बनाने, स्नान करने और अन्य घरेलू कार्यों के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। पानी की कमी के चलते सोसाइटी में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है और निवासी अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए पानी के टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं। हर दिन टैंकरों का इंतजार करना उनकी मजबूरी बन गया है, जिससे लोगों में नाराजगी और चिंता बढ़ती जा रही है।
लोटस जिंग सोसाइटी में पानी की किल्लत!
दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित
जल संकट के कारण सोसाइटी के निवासियों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। लोगों का कहना है कि पानी की कमी ने उनकी सामान्य दिनचर्या को अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई परिवारों को नहाने और अन्य जरूरी कार्यों के लिए अपने रिश्तेदारों या मित्रों के घरों का सहारा लेना पड़ रहा है। कुछ नौकरीपेशा लोग कार्यालय जाने से पहले परिचितों की सोसाइटी में जाकर अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी कर रहे हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई परिवारों ने अस्थायी रूप से होटल और गेस्ट हाउस में ठहरना शुरू कर दिया है, ताकि उन्हें पानी की समस्या से कुछ राहत मिल सके। करीब 1000 फ्लैटों वाली इस सोसाइटी में 3000 से अधिक लोग रहते हैं, जो पिछले कई दिनों से जल संकट की परेशानी झेल रहे हैं।
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कई टावरों में जलापूर्ति प्रभावित
सोसायटी के निवासी रिटायर्ड कर्नल विजय कुमार छिब्बर और अतुल भारद्वाज कहते हैं कि पानी की आपूर्ति में आई तकनीकी बाधाओं के कारण हर फ्लैट तक पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। उनका आरोप है कि मोटर और पाइपलाइन में खराबी की वजह से कई टावरों में जलापूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे लोगों को जरूरत के लिए पानी इकट्ठा करके रखना पड़ रहा है। उनका दावा है कि उन्होंने कई बार सोसाइटी प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों के समक्ष समस्या उठाई, लेकिन अब तक कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं मिल सका है। इस स्थिति का सबसे अधिक असर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों पर देखने को मिल रहा है। जल संकट से निपटने के लिए सोसाइटी में पानी के टैंकरों की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन बढ़ती मांग के मुकाबले यह व्यवस्था अपर्याप्त साबित हो रही है। टैंकरों के पहुंचते ही पानी भरने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो जाते हैं, जिससे अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो जाती है। निवासियों का कहना है कि हजारों लोगों वाली सोसाइटी में केवल टैंकरों के सहारे जलापूर्ति बनाए रखना व्यावहारिक समाधान नहीं है।
सोसाइटी प्रबंधन और जल विभाग का क्या कहना है?
लोगों ने रखरखाव एजेंसी और संबंधित विभागों पर समय पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अगर शुरुआत में ही जरूरी कदम उठाए जाते तो समस्या इतनी गंभीर नहीं होती। साथ ही कई निवासियों ने शिकायत की है कि उनकी समस्याओं पर संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं दी जा रही, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। दूसरी ओर, सोसाइटी प्रबंधन और जल विभाग का कहना है कि जलाशय की एक मोटर खराब होने और पर्याप्त पानी उपलब्ध न होने के कारण यह स्थिति बनी है। अधिकारियों के मुताबिक खराब मोटर की मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है और जल्द ही सभी टावरों में नियमित जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी। जल विभाग के अधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि तकनीकी खामी दूर कर दी गई है तथा भविष्य में सभी फ्लैटों तक सामान्य रूप से पानी पहुंचने लगेगा। फिलहाल सोसाइटी के सैकड़ों परिवार जल संकट का सामना कर रहे हैं और उनकी मांग है कि इस समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों का सामान्य जीवन जल्द से जल्द पटरी पर लौट सके।
