सावन मास के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के संयोग पर देश के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है। झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम और उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ धाम में तड़के से ही बाबा के जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। पूरा माहौल केसरिया वस्त्रधारी कांवड़ियों और 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयकारों से शिवमय हो गया है।
देवघर में तड़के से भक्तों की भीड़
बाबा बैद्यनाथ धाम: कुमैठा तक पहुंची कांवरियों की कतार
देवघर के विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में तीसरे सोमवार को लेकर भक्तों में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। रविवार देर रात से ही कांवरियों और श्रद्धालुओं का बाबाधाम पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। भीड़ का दबाव इतना अधिक है कि कांवरियों की कतार नंदन पहाड़ से आगे बढ़ते हुए कुमैठा टेल प्वाइंट तक पहुंच गई। शिवगंगा में पवित्र स्नान के बाद श्रद्धालुओं को कतार के अंतिम छोर (कुमैठा) भेजा गया, जहां से वे मानसरोवर फुटओवर ब्रिज और विभिन्न प्रमुख चौराहों से होते हुए बाबा मंदिर की ओर बढ़ रहे हैं। रूट लाइन पर पेयजल, चिकित्सा, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस बल व प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी रख रहे हैं ताकि लंबी कतार के बावजूद श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।
काशी विश्वनाथ धाम: 3 किलोमीटर लंबी लाइन, नो व्हीकल जोन लागू
वाराणसी में सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के अवसर पर बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए रविवार से ही देश के कोने-कोने से श्रद्धालुओं का आगमन जारी है। मंदिर के बाहर भक्तों की करीब 3 किलोमीटर लंबी कतार दर्ज की गई है। भीड़ के भारी दबाव को देखते हुए मैदागिन से गोदौलिया मार्ग को 'नो व्हीकल जोन' घोषित कर दिया गया है। दर्शनार्थियों की निर्बाध आवाजाही के लिए रास्ते को वन-वे बनाया गया है। सावन के इस पावन अवसर पर काशी पधारे कांवरियों और श्रद्धालुओं का स्वागत हेलीकॉप्टर से फूल बरसाकर किया जाएगा।
व्यवस्था का जायजा लेते वाराणसी पुलिस कमीश्नर मोहित अग्रवाल (फोटो: Varanasi Police Via ANI)
सुरक्षा व्यवस्था पर पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल सख्त
वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी को लेकर सुरक्षा, ट्रैफिक व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन का मौके पर जायजा लिया। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण एहतियातन नौका संचालन और कुछ घाटों के बीच आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। श्रद्धालुओं को फ्लोटिंग बैरिकेड्स से चिह्नित सुरक्षित घेरे के भीतर ही स्नान और जल भरने के निर्देश दिए गए हैं। कांवर मार्ग और प्रमुख रास्तों से अवैध पार्किंग व अतिक्रमण को तुरंत हटाने तथा यातायात में बाधा डालने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं से नम्रतापूर्वक व्यवहार करने को कहा गया है। महिला श्रद्धालुओं की जांच केवल महिला पुलिसकर्मियों द्वारा ही करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
