Satya Niketan Building Collapse: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत ढहने के दर्दनाक हादसे में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घटना के बाद से लगातार फरार चल रहे आरोपी और पेइंग गेस्ट (PG) संचालक शुभम त्यागी ने शुक्रवार को पटियाला हाउस अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इस भीषण हादसे में दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के 5 छात्रों सहित कुल 7 लोगों की मौत हो गई थी।
फरार पीजी संचालक शुभम त्यागी ने पटियाला हाउस कोर्ट में किया आत्मसमर्पण
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अदालत से आरोपी त्यागी की दो दिनों की पुलिस हिरासत हासिल की गई है। पुलिस अब उससे इमारत ढहने की परिस्थितियों, अवैध निर्माण व विस्तार कार्य और पीजी संचालन के नियमों के उल्लंघन को लेकर गहन पूछताछ करेगी।
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लीज पर ले रखा था पीजी
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी शुभम त्यागी इस पांच मंजिला इमारत में पीजी आवास का संचालन कर रहा था। उसने इमारत के मालिक से संपत्ति का एक हिस्सा लीज पर लिया था। रविवार को जब इमारत में मरम्मत और विस्तार का काम चल रहा था, तभी यह भयानक हादसा हो गया। घटना के बाद से ही आरोपी फरार था और पुलिस उसकी तलाश में लगातार कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी।
मामले में अब तक की मुख्य गिरफ्तारियां
सत्या निकेतन हादसे में पुलिस की कार्रवाई के तहत अब तक कई प्रमुख लोगों को शिकंजे में लिया जा चुका है। पुलिस ने इमारत की 75 वर्षीया मालकिन उर्मिला गुप्ता, उनके 81 वर्षीय पति हरिराम गुप्ता और बेटे महेश को गिरफ्तार किया था। मरम्मत का काम देख रहे श्रमिक ठेकेदार सनोज कुमार के अलावा पीजी संचालन में शामिल सुधांशु लवनीश को भी पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस ने आरोपी लवनीश का मोबाइल फोन जब्त कर फॉरेंसिक विश्लेषण के लिए भेज दिया है ताकि चैट और कॉल रिकॉर्ड्स के जरिए लापरवाही के सबूत जुटाए जा सकें।
दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास स्थित सत्या निकेतन का यह क्षेत्र छात्र आवासों और पीजी का बड़ा केंद्र है। इस हादसे के बाद छात्रों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिस पर अब पुलिस और अदालत दोनों सख्त रुख अपना रहे हैं।
