उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर समाजवादी पार्टी और जिला प्रशासन आमने-सामने हैं। सपा ने जिले की पांचों विधानसभा सीटों की वोटर लिस्ट में करीब 28 हजार मतदाताओं के नामों में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि वोटर लिस्ट में कई मतदाताओं के नाम एक से अधिक बार दर्ज हैं। कुछ नाम दो नहीं, बल्कि तीन से चार अलग-अलग बूथों पर भी दर्ज पाए गए हैं। इस मामले पर अब जिला प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आ गई है।
वोटर लिस्ट विवाद पर बोले DM- जिले में नहीं मिली कोई गड़बड़ी
जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने समाजवादी पार्टी के सभी आरोपों का पूरी तरह से खंडन किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मतदाता सूची में फिलहाल किसी तरह की गड़बड़ी नहीं मिली है। डीएम ने कहा कि अगर किसी मतदाता को अपने नाम या सूची में दर्ज जानकारी को लेकर आपत्ति है तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत संशोधन करा सकता है।
12 नवंबर को जारी होगा वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट
डीएम ने बताया कि विधानसभा निर्वाचन सूची तैयार करने का काम पूरी पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। इसके लिए पिछले विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) से पहले विशेष अभियान चलाया गया था। इस दौरान सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मौजूद रहे और निर्धारित फॉर्म उपलब्ध कराए गए थे।। उन्होंने बताया कि 12 नवंबर को मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद भी अभियान चलाकर लोगों से आपत्तियां और संशोधन के आवेदन लिए जाएंगे। प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद जनवरी में अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।
नाम जुड़वाने और कटवाने के लिए भर सकते हैं फॉर्म
डीएम ने कहा कि जिले में जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट में छूट गए हैं, उन्हें नाम जुड़वाने का पर्याप्त अवसर दिया जा रहा है। किसी नाम को सूची से हटाने या उस पर आपत्ति दर्ज कराने की भी व्यवस्था है। मतदाताओं का नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 और नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 भरा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सभी मतदाताओं को समान अवसर दिया जा रहा है और आपत्तियों का निस्तारण निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।
