इस्तीफा देने वाले डिप्टी कमिश्नर GST प्रशांत कुमार सिंह को फर्जी विकलांग सर्टिफिकेट से मिली नौकरी! सगे भाई ने लगाए गंभीर आरोप

डॉ. विश्वजीत सिंह ने आरोप लगाया है कि प्रशांत कुमार सिंह जांच और संभावित रिकवरी से बचने के लिए इस्तीफे का नाटक कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशांत सिंह ने खुद को 40 प्रतिशत नेत्रहीन बताते हुए फर्जी नेत्र विकलांगता प्रमाणपत्र बनवाया और इसी आधार पर सरकारी नौकरी हासिल की।

अयोध्या में तैनात जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह के इस्तीफे के बाद अब नौकरी हासिल करने के लिए लगाए गए सर्टिफिकेट को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। उनके सगे बड़े भाई डॉ विश्वजीत सिंह ने आरोप लगाया है कि प्रशांत कुमार सिंह ने फर्जी विकलांग सर्टिफिकेट लगाकर नौकरी हासिल की है। भाई का आरोप है कि इस्तीफे का नाटक करके प्रशांत सिंह जांच और रिकवरी से भाग रहे हैं। वहीं, मामले में सगे भाई के द्वारा शिकायत के बाद जांच जारी है।

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इस्तीफा देने वाले जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह। तस्वीर-टाइम्स नाउ नवभारत

बता दें कि इससे पहले, प्रशांत कुमार ने अपना इस्तीफा राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को भेजा था। राज्यपाल को भेजे अपने दो पन्ने इस्तीफे में प्रशांत कुमार ने कहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में इस्तीफा दे रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि शंकराचार्य ने सीएम योगी पर अभद्र टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा है कि 'जिस प्रदेश का नमक खाता हूं और जिस प्रदेश से मुझे सैलरी मिलती है,मैं उसका पक्षधर हूं।'

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