Republic Day 2024: 26 जनवरी को देश अपना 75वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। गणतंत्र दिवस देश का राष्ट्रीय त्योहार है। 26 जनवरी 1950 को जब देश का संविधान लागू हुआ था, तब से ही इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाने का फैसला लिया गया। हर साल 26 जनवरी को राजधानी दिल्ली में कर्तव्यपथ पर परेड का आयोजन किया जाता है। वहीं इस परेड में देश की तीनों सेनाएं, जलसेना, थलसेना और वायुसेना भी शामिल होती हैं। देश के राष्ट्रपति तिरंगा फहराते हैं और फिर 21 तोपों की सलामी दी जाती है।
गणतंत्र दिवस
देश में दो खास मौके पर झंडा फहराया जाता है। 15 अगस्त 1947 को भारत को गुलामी की जंजीरों से आजादी मिली थी। इस दिन को स्वतंत्रता दिवस के तौर पर मानाया जाता है। गणतंत्र दिवस की तरह ही 15 अगस्त को भी राष्ट्रीय ध्वज को फहराया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दोनों दिनों में झंडा फहराए जाने के तरीकों में क्या अंतर है। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं।
पहला अंतर
26 जनवरी गणतंत्र दिवस के मौके पर झंडा ऊपर ही बंधा हुआ रहता है और इसे खोलकर फहराया जाता है। हर साल 26 जनवरी पर इसी तरह से राष्ट्रीय ध्वज को पूरे सम्मान के साथ फहराया जाता है, जबकि 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर झंडे को रस्सी से नीचे से खींचकर ऊपर की ओर ले जाया जाता है और फिर इसे फहराया जाता है, जिसे ध्वजारोहण कहा जाता है।
दूसरा अंतर
इन दोनों ही दिन झंडा फहराने में दूसरा अंतर ये है कि 15 अगस्त के दिन प्रधानमंत्री झंडा फहराते हैं। वह केंद्र सरकार के प्रमुख होते हैं इसलिए इस दिन प्रधानमंत्री ही ध्वजारोहण करते हैं। वहीं 26 जनवरी को हमारा संविधान लागू हुआ था तो इस दिन संवैधानिक प्रमुख राष्ट्रपति झंडा फहराते हैं।
तीसरा अंतर
आपको बता दें कि गणतंत्र दिवस पर राजपथ पर झंडा फहराया जाता है और स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले पर ध्वजारोहण किया जाता है।
चौथा अंतर
इन दोनों दिनों में एक अंतर ये है कि गणतंत्र दिवस पर हर बार किसी न किसी मुख्य अतिथि को आमंत्रित किया जाता है। लेकिन स्वतंत्रता दिवस पर ऐसा कुछ नहीं होता है।
पांचवा अंतर
इन दोनों दिनों में झंडा फहराने में एक अंतर ये भी है कि गणतंत्र दिवस पर पूरा देश काफी उत्साह से इस दिन को सेलिब्रेट करता है, जबकि स्वतंत्रता दिवस पर लोगों में खास उत्साह नजर नहीं आता है।
