रांची: नाबालिग बच्ची से दरिंदगी करने वालों को जितनी भी सजा दी जाए, कम ही है। झारखंड की राजधानी रांची में 12 वर्षीय नाबालिग का अपहरण कर गैंगरेप मामले में पॉक्सो अदालत ने तीनों आरोपियों को 20-20 साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा तीनों पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है।
सांकेतिक फोटो।
तीन साल पहले दिया था अंजाम
यह वारदात साल 2020 के दिसंबर में रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र में सामने आई थी। इसे लेकर जन आक्रोश फूट पड़ा था। अभियुक्तों अनिकेत सांगा, अजय मिर्धा और सुलेंद्र सिंह उर्फ गुड्डू सिंह पर आरोप लगा कि उन्होंने आधी रात को घर में सोई लड़की का अपहरण करके पास के हटिया जंगल में ले जाकर गैंगरेप किया था।
सुबह करीब 4 बजे लड़की को बेहोशी की हालत में छोड़कर तीनों भाग निकले थे। होश आने पर लड़की किसी तरह घर पहुंची थी और इसके बाद परिजनों ने जगन्नाथपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।
लोगों ने किया था हंगामा
दोषियों में से एक अनिकेत सांगा रांची के प्रतिष्ठित कॉलेज का स्टूडेंट था, जबकि दो अन्य उसके साथी थे। वारदात को लेकर लोग सड़कों पर उतर आए थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों को दो दिनों के अंदर गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस की जांच में पाया गया था कि तीनों शराब के नशे में थे। उनके खिलाफ समय से चार्जशीट फाइल की गई।
इस मामले के ट्रायल के बाद पॉक्सो स्पेशल कोर्ट के जज आसिफ इकबाल ने तीनों आरोपियों को 13 जून को दोषी करार दिया था। आज यानी शुक्रवार 21 जून को सजा के बिंदु पर बहस के बाद अदालत ने फैसला सुनाया।
-IANS
