Ram Mandir Donation Row: रामचंदा चोरी के बड़े मामले में पुलिस को एक और महत्वपूर्ण कामयाबी हाथ लगी है। मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला की निशानदेही (avinash shukla arrest update) पर पुलिस ने उसकी ब्रेजा कार को बरामद कर लिया है। लेकिन मामला सिर्फ इस एक गाड़ी तक सीमित नहीं है। पुलिस सूत्रों की मानें तो इस पूरे खेल में शामिल सभी गिरफ्तार आरोपियों को अब एक-एक करके पुलिस कस्टडी में लिया जा सकता है।
चंदा चोरी मामला
पुलिस इस तैयारी में इसलिए है क्योंकि ट्रस्ट ने अब तक जितनी रिकवरी करके पुलिस को सौंपी है, वह तो सिर्फ एक ट्रेलर है; असली पिक्चर अभी बाकी है। दरअसल, पुलिस को पुख्ता अंदेशा है कि आरोपियों ने चंदे के पैसों से भारी-भरकम हेरफेर किया है। पूछताछ का मुख्य फोकस इस बात पर रहेगा कि इन आरोपियों ने आखिर चंदे के पैसों को कहां-कहां इन्वेस्ट किया है।
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ब्रीजा के अलावा दो और गाड़ियां पुलिस के रडार पर
शातिर दिमाग आरोपियों ने खुद को कानून से बचाने के लिए अपने नाम पर संपत्ति न खरीदकर, परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर महंगी गाड़ियां और जमीनें खरीदी हैं। अब पुलिस इस बेनामी निवेश का पूरा कच्चा-चिट्ठा बाहर निकालने के मूड में है। जांच में यह भी सामने आया है कि अविनाश की ब्रेजा के अलावा दो और गाड़ियां पुलिस के रडार पर हैं। दूसरे आरोपी अनुकल्प ने साल 2025 में चंदे की चोरी की रकम से सफेद रंग की एक नई डिजायर गाड़ी खरीदी थी, जिससे वह घूम रहा था।
पुलिस ने धर दबोचा
इतना ही नहीं, अनुकल्प के हौसले इतने बुलंद थे कि उसने हाल ही में एक नई स्कॉर्पियो गाड़ी भी बुक कर दी थी। वह इस नई एसयूवी की डिलीवरी ले पाता, उससे पहले ही पुलिस ने उसे दबोच लिया। अब पुलिस इन सभी लग्जरी गाड़ियों और जमीनों के कागजातों को खंगाल रही है ताकि चंदे की पाई-पाई का हिसाब लिया जा सके।
