Rajkot News: गुजरात के राजकोट से एक बहुत ही गंभीर मामला सामने आया है। यहां पर दो महिलाओं पर अपने 13 वर्षीय भतीजे के साथ कई महीनों तक यौन शोषण करने का आरोप लगा है। नाबालिग लड़के के साथ यौन उत्पीड़न का यह मामला तब सामने आया, जब लड़के ने अपने पिता को रोते हुए फोन किया।
राजकोट में मौसियों ने किया नाबालिग का यौन शोषण
परिवारिक अलगाव के कारण लड़का जून 2025 से अपनी मां के साथ राजकोट में रह रहा था। नाबालिग का आरोप है कि उसकी अपनी मौसियों ने उसके साथ बार-बार यौन शोषण किया। यह घटनाएं उसके नाना की मृत्यु के तुरंत बाद शुरू हुईं और मार्च 2026 तक जारी रहीं।
Pocso के तहत मामला दर्ज
नाबालिग की दोनों मौसियां विवाहित हैं। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बच्चों के यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (POCSO) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
लड़के के पिता महाराष्ट्र के नासिक में कंस्ट्रक्शन प्रोफेशनल हैं। लड़के के पिता ने ही FIR दर्ज करवाई है। FIR के अनुसार, नाबालिग लड़के के साथ यौन शोषण तब शुरू हुआ जब एक मौसी ने कथित तौर पर लड़के को एक बेडरूम में बुलाया, उसे फोन पर अनुचित तस्वीरें दिखा और फिर उसके साथ यौन अपराध किया। यही नहीं उसे शारीरिक नुकसान की धमकी दी गई अगर वह इस सब का विरोध करता तो उसे और उसकी मां को घर से निकलवा देने की धमकी भी दी गई। बच्चे के साथ यौन उत्पीड़न की यह घटनाएं उस समय हुईं, जब उसकी मां घर में मौजूद नहीं थी।
पिता ने नासिक में मामला दर्ज करवाया
पिता को 25 मार्च 2026 को अपने नाबालिग बच्चे के साथ यौन शोषण के बारे में तब पता चला, जब उसने रोते हुए, अपने स्कूल की परीक्षाओं के बाद उससे संपर्क किया। इससे पिता तुरंत राजकोट पहुंचे और आखिरकार नासिक के अंबड पुलिस स्टेशन में एक औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई।
मां ने बच्चे की शिकायत पर ध्यान नहीं दिया
FIR में लड़के के अनुभवों के बारे में भी लिखा गया है। इसमें साफ लिखा गया है कि जब उसने अपनी मां को इस बारे में बताया तो मां ने उसके आरोपों को शुरुआत में खारिज कर दिया। इस दौरान मां ने कथित तौर पर सुझाव दिया कि मौसियों ने उसे सिर्फ किस किया है, बच्चों से सभी प्यार करते हैं, इसलिए ऐसा किया होगा। मां से समर्थन न मिलने पर लड़के ने चुप्पी साथ ली, जिसके कारण उसके साथ महीनों तक शोषण होता रहा।
राजकोट पुलिस ने पुष्टि की है कि वे इस मामले की जांच कर रहे हैं। वे आरोपियों, पीड़ित, और परिवार के अन्य सदस्यों से बयान ले रहे हैं। अधिकारियों ने ऐसे गंभीर आरोपों का तुरंत और संवेदनशीलता से निपटने की बात कही है। ताकि नाबालिगों के अधिकारों की रक्षा की जा सके।
