राजस्थान में आज का मौसम (20 Mar 2026): राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का ऐसा असर दिख रहा है कि मौसम का मिजाज पूरी तरह से उलट गया है। जहां मार्च के अंत तक लोग एसी और कूलर चलाने की तैयारी करते थे, वहीं शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में 'फरवरी' जैसी ठंडक महसूस की गई। राजधानी जयपुर समेत कई जिलों में आज सुबह 3 बजे से ही तेज बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे पारा धड़ाम से नीचे गिर गया है। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली तस्वीर श्रीगंगानगर से सामने आई है। यहां मार्च के महीने में घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी घटकर 10 मीटर से भी कम रह गई। आमतौर पर सर्दियों के पीक में दिखने वाली यह धुंध मार्च के महीने में वेदर एक्सपर्ट्स के लिए भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
राजस्थान के कई जिलों में आज बारिश और ओले गिरने की संभावना
9 जिलों में ऑरेंज और 16 में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने आज जयपुर, अजमेर, सीकर, टोंक और नागौर समेत 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, जोधपुर, बीकानेर, कोटा और उदयपुर सहित 16 जिलों के लिए येलो अलर्ट है। पिछले 24 घंटों में बाड़मेर में सबसे अधिक 16.7 मिमी और अलवर में 13.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। जैसलमेर और बीकानेर के रेगिस्तानी इलाकों में भी बादल जमकर बरसे हैं।
फसलों पर पड़ी कुदरत की मार
बारिश जहां आम जनता के लिए गर्मी से राहत लेकर आई है, वहीं किसानों के लिए यह 'आसमानी आफत' साबित हो रही है। टोंक और धौलपुर के बड़े इलाकों में जमकर ओले गिरे हैं, जिससे मूंग की खड़ी फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। सीकर और कोटपूतली-बहरोड़ के क्षेत्रों में भी ओलावृष्टि ने खेतों में बिछी फसलों को बर्बाद कर दिया है, जिससे किसान बेहद चिंतित हैं।
11 डिग्री तक लुढ़का पारा
तूफानी बारिश और ओलों का असर यह हुआ कि राजस्थान में दिन का तापमान 11 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। सर्द हवाओं और लगातार हो रही बूंदाबांदी ने वातावरण में ऐसी नमी घोल दी है कि लोगों को एक बार फिर गर्म कपड़े निकालने पड़ गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल अगले कुछ घंटों तक राज्य के कई हिस्सों में इसी तरह का अस्थिर मौसम बना रहेगा।
