राजस्थान की राजधानी जयपुर के बगरू स्थित रामपुरा-कंवरपुरा गांव में 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच हुआ विवाद अब पुलिस थाने तक पहुंच गया है। इस घटना के बाद दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पूरे मामले पर जानकारी देते हुए जयपुर दक्षिण (South Jaipur) के डीसीपी राजर्षि राज ने बताया कि पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
CJP और ग्रामीणों के विवाद पर आया पुलिस का बयान
उन्होंने स्पष्ट किया कि सीजेपी की ओर से इस कार्यक्रम को लेकर पुलिस को पहले से कोई लिखित सूचना नहीं दी गई थी। इसलिए पुलिस केवल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो या जानकारियों के आधार पर सीधे कोई जल्दबाजी में कार्रवाई नहीं करेगी, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे के कानूनी कदम उठाएगी।
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घटनाक्रम के मुताबिक, सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका और उनकी टीम जब गांव के सरकारी स्कूल की स्थिति का जायजा लेने पहुंची, तो ग्रामीणों और कथित कार्यकर्ताओं के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। आरोप है कि भीड़ ने कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी की, रेत उछाली और गाड़ियों पर पथराव कर शीशे तोड़ दिए।
घटना के बाद सीजेपी नेताओं ने कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका और संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। दिपके ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यदि 48 घंटों में हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं हुई और स्कूल सुधार का काम शुरू नहीं हुआ, तो वे खुद जयपुर आएंगे। उन्होंने देश के युवाओं (Gen Z) को एकजुट कर राजस्थान में दिल्ली जैसा बड़ा आंदोलन खड़ा करने की चेतावनी दी है। फिलहाल पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी है।
