राजस्थान की राजनीति से एक दुखद और बड़ी खबर सामने आई है। बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के वर्तमान विधायक, पूर्व कैबिनेट मंत्री और अलवर के पूर्व सांसद डॉ. जसवंत यादव का रविवार सुबह जयपुर में निधन हो गया। वे 73 वर्ष के थे और पिछले काफी समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन की जानकारी उनके पुत्र मोहित यादव ने सोशल मीडिया के जरिए साझा की। उन्होंने बताया कि डॉ. जसवंत यादव ने रविवार सुबह 8:15 बजे अंतिम सांस ली।
जसवंत यादव की फाइल फोटो (चित्र साभार: Facebook| Dr Jaswant Singh Yadav)
बेटे मोहित यादव ने दी जानकारी
अपने पिता के देहांत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मोहित यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा। मुझे गहरे दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि मेरे पूज्य पिता डॉ. जसवंत यादव जी बहरोड़ के वर्तमान विधायक, राजस्थान सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री और अलवर के पूर्व सांसद, अब हमारे बीच नहीं रहे। उनका स्नेह, सादगी और समाज के प्रति अटूट समर्पण लोगों की स्मृतियों में हमेशा बना रहेगा।
4 बार विधायक और सांसद: 1998 में शुरू हुआ था राजनीतिक सफर
डॉ. जसवंत यादव राजस्थान के एक वरिष्ठ और प्रभावशाली जननेता माने जाते थे। उनके राजनीतिक करियर की बात करें तो उन्होंने अपने संसदीय और विधायी करियर की शुरुआत 1998 में मुंडावर विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर की थी। 1999 के लोकसभा चुनाव में वे अलवर संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित होकर संसद पहुंचे। वे कुल 4 बार विधायक रहे। वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार (2016 से 2018) में उन्होंने कैबिनेट मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली थी।
सोमवार को पैतृक गांव सिलपटा में होगा अंतिम संस्कार
परिवार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार रविवार शाम 4:00 बजे के बाद उनके पार्थिव शरीर को आमजन और कार्यकर्ताओं के अंतिम दर्शनों के लिए अलवर स्थित उनके आवास (जसवंत नगर) पर रखा जाएगा। सोमवार दोपहर 3:00 बजे खैरथल-तिजारा जिले में स्थित उनके पैतृक गांव सिलपटा में उनका पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
बहरोड़ में होगा उपचुनाव
डॉ. जसवंत यादव के असमय निधन से राजस्थान राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन के बाद 200 सदस्यीय राजस्थान विधानसभा में विधायकों की प्रभावी संख्या घटकर 199 रह गई है। नियमानुसार, खाली हुई बहरोड़ विधानसभा सीट पर आगामी छह महीने के भीतर उपचुनाव कराए जाएंगे।
