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राजा रघुवंशी हत्याकांड: विपिन ने सोनम के परिवार पर लगाए आरोप, 'पिंडदान' को लेकर उठाए सवाल

राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने सोनम के परिवार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाए हैं कि सोनम के परिवार ने शादी की बात करने के समय सच्चाई छिपाई थी। विपिन रघुवंशी ने सोनम के भाई गोविंद पर भी तीखा हमला बोला।

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विपिन ने सोनम के परिवार पर उठाए सवाल

इंदौर: राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने सोनम के परिवार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाए हैं कि सोनम के परिवार ने शादी की बात करने के समय सच्चाई छिपाई थी। विपिन रघुवंशी ने सोनम के भाई गोविंद पर भी तीखा हमला बोला। विपिन रघुवंशी ने शिलांग पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस ने त्वरित कदम उठाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और साक्ष्य मिटाने के आरोप में उन्हें शिलांग ले गई है। उन्होंने ये भी पुष्टि की कि पुलिस ने पिस्टल और अन्य जरूरी सामान भी जब्त कर लिया है।

इसके बाद उन्होंने सोनम के परिवार को लेकर सवाल उठाए। विपिन ने कहा कि अगर सोनम का भाई गोविंद बार-बार ये कह रहा है कि वो राजा के परिवार के साथ है, तो वो ये मांग क्यों नहीं कर रहा कि उसकी बहन को फांसी दी जाए? अभी तक उसकी तरफ से कोई स्पष्ट मांग नहीं आई है।"

विपिन ने उठाए सवाल

विपिन ने कहा कि गोविंद मीडिया में कहता है कि वो अपनी बहन सोनम की कोई मदद नहीं करेगा और उससे संबंध खत्म कर दिए हैं तो फिर वो अपने घर में उसके नाम से जुड़ा सारा सामान बाहर क्यों नहीं फेंक देता? क्यों नहीं वो अपनी बहन का पिंडदान कर देता? जब किसी का निधन हो जाता है तो घर में उसका सामान नहीं रखा जाता। अगर उन्होंने वाकई रिश्ते तोड़े हैं तो उन्हें ये दिखाना भी चाहिए।

सोनम की खौफनाक साजिश की थी प्लानिंग

विपिन ने बताया कि सोनम ने पुलिस के सामने राजा रघुवंशी के साथ अपने प्रेम संबंधों को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा, "मुझे ये सब बातें मीडिया और मेघालय पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पता चली हैं।" उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि सोनम रघुवंशी चाहती थी कि उसकी शादी राज कुशवाह से हो जाए और जब ये संभव नहीं हुआ तो उसने ये खौफनाक कदम उठाया।

सोनम के परिवार पर लगाए आरोप

विपिन रघुवंशी ने सोनम के परिवार पर गंभीर आरोप लगाए। बताया कि जब शादी की बातचीत चल रही थी, उस समय ये बताया गया था कि सोनम पढ़ी-लिखी है और बाहर जाकर काम करेगी। उन्होंने कहा कि हमने तब इस पर कोई आपत्ति नहीं की, लेकिन अब लग रहा है कि उस परिवार ने कई अहम बातें हमसे छुपाई थीं। शायद उसी कारण आज मेरा भाई हमारे बीच नहीं है। विपिन रघुवंशी ने मांग की कि मेघालय पुलिस निष्पक्ष जांच कर इस हत्याकांड में शामिल हर व्यक्ति को आरोपी बनाए और कड़ी कार्रवाई की जाए। (IANS इनपुट)

Sanjeev Dubey
संजीव कुमार दुबेauthor

पत्रकारिता में मेरे सफर की शुरुआत 20 साल पहले हुई। 2002 अक्टूबर में टीवी की रुपहले दुनिया में दाखिल हुआ। शुरुआत टीवी की दुनिया के उस पहलू से हुई जहां हर खबर को उसके मुताबिक आकार दिया जाता है यानी उसे कसा जाता है। सहारा टीवी में मेरे कामकाज की शुरुआत पैकेजिंग से हुई जहां खबरों को अलग-अलग प्रारूपों में गढ़ने का काम होता है। फिर पीसीआर में आउटपुट एडिटर की भूमिका निभाने का मौका मिला जहां तुरंत निर्णय कर खबरों को ब्रेक करने की चुनौती रहती है। न्यूजरूम की गहमागमी के बीच रनडाउन तैयार करने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। यहां ब्रेकिंग, हार्ड कोर की खबरों और फीचर्ड प्रोग्रामिंग ने मेरे अनुभव का दायरा तो बढ़ाया ही उसमें गहराई एवं पैनापन भी दिया। 2011 में टेलिविजन न्यूज की दुनिया को अलविदा कहना पड़ा। अक्टूबर 2011 में Zee News की हिंदी वेबसाइट को अपनी अगवुाई में लॉन्च करने का मौका मिला। डिजिटल की दुनिया और टीवी की दुनिया में खबरें परोसने और खबरों को दिखाने का अंदाज बिल्कुल अलग था। मैं उस दौर में दस्तक दे चुका था जब टीवी भी स्मार्टफोन पर देखा जाने लगा था। डिजिटल पर भी ब्रेकिंग थी। अगर टीवी में प्रोग्रामिंग थी तो यहां भी बतौर फीचर, सॉफ्ट स्टोरीज का विशाल संसार था। एक नया मीडियम जो स्मार्टफोन पर बखूबी देखा और समझा जा सकता था। डिजिटल की इस दुनिया में टीवी और अखबार दोनों समाहित थे। यहां काम करते हुए डिजिटल न्यूज मीडिया की बारीकियां तो सीखी हीं। साथ ही जब जी न्यूज से विदाई ली तो उस समय 33 मिलियन यूजर्स के बीच 84 मिलियन पीवीज देखने की अपार खुशियां हासिल हुईं। जी न्यूज में एक लंबी पारी खेलने के बाद जुलाई 2017 में टाइम्स नाउ नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिला। 2017 में ही टाइम्स नाउ की हिंदी वेबसाइट की शुरुआत हुई। यह पहला मौका था जब टाइम्स नाउ की अगुवाई में कोई हिंदी न्यूज वेबसाइट लॉन्च हुई। यहां एक नई और युवा टीम बनी। यह टीम आक्रामक अंदाज में काम करते हुए कम समय में अपनी पहचान बनाई। डिजिटल की दुनिया के बदलते संसार में अब चुनौती पीवीज की नहीं बल्कि यूजर्स की थी, जिन्हें लाना इतना आसान नहीं थी। लेकिन टीम के जज्बे, हौसले ने असाधारण चुनौतियों को भी अपनी मेहनत एवं लगन से उसे सामान्य बनाया। डिजिटल न्यूज की दुनिया में हर पल चुनौतियों के बीच नया कुछ सीखने-समझने और कुछ कर गुजरने की प्रेरणा मिलती है। यह सिलसिला आज भी अनवरत जारी है-

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