Chhattisgarh Encounter: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक महिला नक्सली को मार गिराया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिला नक्सली पर आठ लाख रुपये का ईनाम था। कांकेर जिले के पुलिस अधीक्षक इंदिरा कल्याण एलेसेला ने समाचार एजेंसी भाषा को बताया कि छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के आमाटोला और कलपर गांव के मध्य जंगल में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) कैडर शांति उर्फ देवे को मार गिराया।
कांकेर में महिला नक्सली ढेर
महिला नक्सली पर कितना था ईनाम
एलेसेला ने बताया कि महिला नक्सली पर आठ लाख रुपये का ईनाम है। एलेसेला ने बताया कि कोटरी नदी के किनारे आमाटोला और कलपर गांव के मध्य जंगल में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना मिलने के बाद जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के संयुक्त दल को नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना किया गया।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान जंगल में संयुक्त पुलिस दल और माओवादी दस्ते के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें एक वर्दीधारी महिला नक्सली मारी गई। अधिकारी ने बताया कि महिला नक्सली की पहचान बीजापुर जिले की निवासी शांति के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि शांति पहले गरियाबंद क्षेत्र के गोबरा एरिया कमेटी में सक्रिय थी और बाद में वह उत्तर बस्तर डिवीजन में सक्रिय हो गई तथा पीएलजीए कंपनी नंबर पांच व कंपनी नंबर सात से जुड़ी रही।
एलेसेला ने बताया कि शांति पर दर्ज आपराधिक प्रकरणों से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सुरक्षाबलों ने घटनास्थल से .303 बोर की एक रायफल, एक देसी बैरल ग्रेनेड लांचर (BGL), .303 राइफल की सात गोलियां, एक वॉकी-टॉकी सेट और अन्य सामान बरामद किया है। बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने मुठभेड़ के बारे में बताया कि दंडकारण्य क्षेत्र में माओवादी हिंसा की जड़े कमजोर हो रही है।
'भयमुक्त वातावरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता'
सुंदरराज ने बताया कि दंडकारण्य क्षेत्र में माओवादी हिंसा की जड़ें धीरे-धीरे कमजोर हो रही हैं। क्षेत्र में शांति बहाल करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा बल पूरी प्रतिबद्धता और साहस के साथ कार्य कर रहे हैं। भयमुक्त वातावरण की स्थापना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति अब भी उन माओवादियों के लिए खुली है, जो हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं। अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान घने जंगलों का फायदा उठाकर भाग निकले अन्य माओवादियों का पता लगाने के लिए आसपास के जंगलों में तलाशी अभियान जारी है।
उन्होंने बताया कि बीते 18 महीनों में बस्तर क्षेत्र में हुई विभिन्न मुठभेड़ों के दौरान अब तक कुल 412 नक्सलियों के शव बरामद किये गये है, जिनमें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा)-माओवादी के महासचिव बसवराजु और केंद्रीय समिति सदस्य सुधाकर जैसे शीर्ष माओवादी शामिल हैं।
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