वरिष्ठ कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) आज अल्मोड़ा पहुंच रहे हैं। राहुल गांधी यहां एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। 2027 में उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं और राहुल गांधी की इस यात्रा को राज्य में पार्टी के चुनावी अभियान की शुरुआत के तौर पर ही देखा जा रहा है। राहुल गांधी उत्तराखंड में कुमाऊं क्षेत्र के पहाड़ी क्षेत्र में सबसे बड़े शहर अल्मोड़ा आ रहे हैं। अल्मोड़ा का मूल निवासी होने के नाते उन्हें यहां कुछ जानकारी देना चाहता हूं, जिससे उन्हें कुमाऊं की संस्कृति और इस पहाड़ी क्षेत्र को समझने में आसानी होगी।
राहुल गांधी की आज अल्मोड़ा में रैली
पहले बात राहुल गांधी के दौरे की तैयारी पर
दावा किया जा रहा है कि राहुल गांधी की इस जनसभा में 10 हजार से ज्यादा लोग शामिल होंगे। उनके इस दौरे को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता कई दिनों से तैयारियों में जुटे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल सहित तमाम बड़े नेता अभी अल्मोड़ा में डेरा डाले हुए हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह के अनुसार राहुल गांधी की रैली को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम लोगों में भारी उत्साह है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनावों में एकजुट होकर लड़ेगी और प्रदेश में मजबूत विकल्प के रूप में जनता के सामने जाएगी। कांग्रेस नेताओं के अनुसार राहुल गांधी की इस रैली से कांग्रेस (Congress) संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी। पिछले प्रदर्शन को देखते हुए कांग्रेस संगठन को उत्तराखंड में ऊर्जा की जरूरत है भी।
कैसा रहा पिछला प्रदर्शन?
राज्य में विधानसभा की कुल 70 सीटें हैं। उत्तराखंड बनने के बाद से राज्य में पार्टी के प्रदर्शन की बात करें तो 2002 (36 सीट) और 2012 (32 सीट) में कांग्रेस ने सरकार बनाई। जबकि इसी दौरान 2007 में पार्टी को सिर्फ 21 सीटें मिलीं थीं। 2017 में कांग्रेस मात्र 11 सीटों पर सिमट गई और 2022 में भी पार्टी को 19 सीटों पर ही जीत मिली। उत्तराखंड में लोकसभा की कुल 5 सीटें हैं और पिछले तीन चुनावों से राज्य में पार्टी का डब्बा गुल है। यानी 2014, 2019 और 2024 में पार्टी को उत्तराखंड में एक भी सीट नहीं मिली। जबकि 2009 में पार्टी ने पांचों सीटें जीती थीं और 2004 के चुनावों में कांग्रेस को 2 सीटें हासिल हुई थीं।
पार्टी नेताओं को होमवर्क देकर जाएं राहुल गांधी
राहुल गांधी अल्मोड़ा आ रहे हैं तो एक पहाड़ी होने के नाते उन्हें बता देना चाहता हूं कि पहाड़ी लोग सरल जरूर होते हैं, लेकिन राजनीति और समसामयिक मुद्दों को अच्छे से समझते हैं। इसलिए आपकी रैली में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहेंगे। आप उनके सामने ज्वलंत मुद्दों पर बात करें, उनकी समस्याओं के बारे में बात करें... वह आपको हाथों-हाथ लेंगे। लेकिन हवा-हवाई वादों को पहाड़ी जनमानस अच्छे से समझता है। अल्मोड़ा आ रहे हैं तो अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाने का बीजमंत्र देकर जाएं। क्योंकि ड्राइंगरूम की राजनीति से भले ही मैदानी इलाकों में सत्ता मिल जाती हो (हालांकि, इस पर भी शक है), लेकिन पहाड़ी इलाकों में तो जमीन पर उतरना ही पड़ेगा। कांग्रेस नेताओं के जमीन से गायब होने का खामियाजा पार्टी लगातार भुगत रही है। इसलिए आ ही रहे हैं तो पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में जोश भरने के साथ उन्हें होमवर्क भी देकर जाएं।
आपकी दादी के दौरे की याद आ गई
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी
बता दें कि आपकी दादी यानी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1980 के आम चुनावों के समय कुमाऊं-गढ़वाल का दौरा किया था। उस समय यह क्षेत्र उत्तर प्रदेश का हिस्सा था और यहां की जनता ने उनका भव्य स्वागत किया था। उस समय अल्मोड़ा और आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में इंदिरा गांधी से मिलने के लिए महिलाओं का हुजूम आया था। उस समय पहाड़ों में हर तरफ गरीबी थी। हालांकि, आज भी हालात बहुत ज्यादा नहीं बदले हैं, लेकिन उस समय स्थितियां बहुत ही खराब थीं। इसके बावजूद पहाड़ी महिलाएं सोने-चांदी के गहने और पारंपरिक वेशभूषा पहनकर, सज-धजकर इंदिरा गांधी को देखने आई थीं।
इंदिरा गांधी का अचंभा और प्रश्न
जैसा कि हमने ऊपर बताया, उस समय इन पहाड़ी क्षेत्रों में आर्थिक तंगी काफी ज्यादा थी। इसके बावजूद इंदिरा गांधी को देखने और सुनने के लिए महिलाओं का इस तरह सज-धजकर पहुचने पर उन्हें बड़ा आश्चर्य हुआ। महिलाओं को इस तरह सोने-चांदी के गहनों और पारंपरिक वेश-भूषा में देखकर इंदिरा गांधी ने अचंभी से मंच पर बैठे नेताओं से पूछा लिया- इतनी गरीबी के बावजूद महिलाएं सोने के इतने गहने कैसे पहनकर आई हैं?
तब हरीश रावत ने दिया था जवाब
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत
उस समय जब इंदिरा गांधी ने सवाल किया तो मंच पर ही मौजूद स्थानीय नेता हरीश रातव ने उन्हें बताया कि भले ही पहाड़ में आर्थिक अभाव हो, लेकिन यहां शुभ कार्यों और महत्वपूर्ण सभाओं में पारंपरिक आभूषण पहनने की सांस्कृतिक परंपरा है। बाद में हरीश रावत केंद्र में मंत्री भी रहे और उत्तराखंड राज्य बनने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी रहे हैं। आज भी वह उत्तराखंड में कांग्रेस के सबसे बड़े और सर्वमान्य नेता हैं। आज भी वह मंच पर होंगे, पहाड़ और यहां के लोगों को समझने के लिए राहुल गांधी उनके अनुभव का लाभ ले सकते हैं।
