पंजाब में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार ने बिजली दरों में उल्लेखनीय कमी की घोषणा की है। यह कमी नए टैरिफ आदेश के तहत लागू की गई है, जिसे Punjab State Electricity Regulatory Commission (PSERC) ने जारी किया है। राज्य सरकार का कहना है कि यह फैसला उपभोक्ताओं को राहत देने और बिजली क्षेत्र में सुधार के प्रयासों का परिणाम है। इससे आम लोगों के साथ औद्योगिक इकाइयां संचालित करने वाले व्यवसायी तबके को प्रत्यक्ष तौर पर लाभ मिलेगा।
(पंजाब में बिजली दरों में कटौती-फोटो-AI)
कितने रुपये कम हुई बिजली दर
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के कार्यकाल में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में अधिकतम 1.5 रुपये प्रति यूनिट तक की कमी की गई है। इससे लाखों परिवारों के मासिक बिजली बिल में राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और दुकानों के लिए बिजली दरों में अधिकतम 79 पैसे प्रति यूनिट तक की कमी की गई है। छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे उनके संचालन खर्च में कमी आएगी। व्यवसाय करने वाले लोगों को आर्थिक तौर पर राहत देने के लिए ये बड़ा कदम है। इससे किसानों को बड़ी सहूलियत मिलेगी।
औद्योगिक क्षेत्र 74 पैसे प्रति यूनिट कटौती
सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र को भी राहत देते हुए उद्योगों के लिए बिजली दरों में 74 पैसे प्रति यूनिट तक की कटौती की है। सरकार का मानना है कि इससे उद्योगों की उत्पादन लागत कम होगी और राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए ईवी चार्जिंग स्टेशनों की बिजली दर घटाकर 5 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है। यह दर देश में सबसे कम बिजली दरों में से एक मानी जा रही है और इससे राज्य में ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार को गति मिलने की उम्मीद है।
नए टैरिफ आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि राज्य की बिजली वितरण कंपनी Punjab State Power Corporation Limited (PSPCL) मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यकाल में पहली बार एक कुशल और मुनाफा कमाने वाली कंपनी बनी है। कंपनी को A+ रेटिंग मिली है और वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 2634 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया गया है।
