अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं और पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में एक दिन पहले फरीदकोट में फार्मासिस्ट पेपर लीक मामले में हुए प्रोटेस्ट को जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने अनुशासनहीनता करार दिया है।
कांग्रेस आलाकमान से चरणजीत सिंह चन्नी की शिकायत
फरीदकोट जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवदीप सिंह (बब्बू बराड़) ने पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल को चिट्ठी लिखकर पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों पर पार्टी अनुशासन तोड़ने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, चिट्ठी में चन्नी का नाम नहीं लिखा है, पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह ढिल्लों पर अनुशासनहीनता के आरोप लगाए गए हैं।
चिट्ठी में दावा किया गया है कि जिला कांग्रेस कमेटी ने 31 जुलाई को पंजाब पेपर लीक मामले पर विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई थी, लेकिन किक्की ढिल्लों ने जिला नेतृत्व से बिना किसी सलाह-मशविरा के अलग से प्रदर्शन का ऐलान कर दिया।
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि किक्की ढिल्लों स्वयं को फरीदकोट का 'हल्का इंचार्ज' बता रहे हैं, जबकि पार्टी में ऐसा कोई पद नहीं है। साथ ही उन पर जिला कांग्रेस कमेटी के निर्देशों की अनदेखी करने और संगठनात्मक अनुशासन को कमजोर करने का भी आरोप लगाया गया है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने एआईसीसी नेतृत्व से तत्काल हस्तक्षेप कर प्रस्तावित प्रदर्शन पर रोक लगाने और पार्टी में अनुशासन व संगठनात्मक एकता बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। किक्की ढिल्लों पर भ्रष्टाचार के आरोपों का भी जिक्र चिट्ठी में किया गया है।
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गौरतलब है कि भूपेश बघेल 10 दिन के पंजाब दौरे पर आ रहे हैं और इस दौरान वो जिला स्तर पर संगठन की बैठक लेंगे, लेकिन उससे पहले ही पंजाब कांग्रेस में घमासान तेज हो गया है। चन्नी गुट पहले ही राजा वडिंग के कार्यक्रमों से दूरी बनाए हुए है। ऐसे में चन्नी गुट और राजा वडिंग गुट आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं। भूपेश बघेल के लिए कांग्रेस में गुटबाजी को खत्म करना बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
