चंडीगढ़ : पंजाब ने स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए पहली से 12वीं कक्षा तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को मुख्य विषय के रूप में शामिल करने वाला देश का पहला राज्य बनने का दावा किया है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) 'सरबत.AI' परियोजना के तहत इस पाठ्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगा। सरकार का कहना है कि यह देश के सबसे बड़े राज्य-स्तरीय AI शिक्षा मिशनों में से एक होगा।
पंजाब के बच्चों से बात करते पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया
इस परियोजना का शुभारंभ पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया की मौजूदगी में किया। कार्यक्रम में शिक्षा विशेषज्ञ, तकनीकी साझेदार और स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहे।
पहले चरण में 8वीं से 12वीं तक AI की पढ़ाई
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि पहले चरण में आठवीं से 12वीं कक्षा तक AI को कंप्यूटर साइंस विषय के साथ पढ़ाया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में पहली से सातवीं कक्षा तक भी इसे लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को लाइव ऑनलाइन क्लास, रिकॉर्डेड लेक्चर, प्रोजेक्ट आधारित लर्निंग, निरंतर मूल्यांकन और समर्पित लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
25 हजार से ज्यादा स्कूलों और 31.5 लाख छात्रों को लाभ
सरकार के अनुसार इस योजना से राज्य के 25,172 स्कूलों और 31.5 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। पहले चरण में 12,424 कंप्यूटर साइंस शिक्षक इसकी जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि आगे चलकर सभी विषयों के 2 लाख से अधिक शिक्षकों को AI आधारित शिक्षण के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
बैंस ने बताया कि AI पाठ्यक्रम तैयार करने से पहले सिंगापुर, फिनलैंड, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अमेरिका की शिक्षा प्रणालियों का अध्ययन किया गया। इसे यूनेस्को के नैतिक AI ढांचे के अनुरूप विकसित किया गया है ताकि छात्र सुरक्षित, जिम्मेदार और नैतिक तरीके से AI का उपयोग करना सीख सकें।
यह कार्यक्रम नीव AI के माध्यम से लागू किया जाएगा। इसके लिए Google, Intel, Canva और FA-AI जैसी संस्थाओं के साथ रणनीतिक साझेदारी की गई है। सरकार का कहना है कि इससे AI साक्षरता, शिक्षक प्रशिक्षण, नवाचार और भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित किए जाएंगे।
'भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार होंगे विद्यार्थी'
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब अब हरित क्रांति के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्रांति का नेतृत्व करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनका कहना है कि इस पहल से विद्यार्थी केवल AI का उपयोग करना ही नहीं सीखेंगे, बल्कि नवाचार और उद्यमिता के जरिए भविष्य की तकनीकी दुनिया में नेतृत्व भी कर सकेंगे।
कार्यक्रम में मौजूद दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि AI को स्कूली शिक्षा में शामिल कर पंजाब ने देश के सामने नया मानदंड स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीक आधारित दुनिया के लिए तैयार करेगी।
