पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा 40 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी किए जाने के ठीक एक दिन बाद पार्टी के भीतर बड़ा राजनीतिक तूफान आ गया है। पटियाला जिले की दो महत्वपूर्ण सीटों समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने रविवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। 24 घंटे के भीतर दो वरिष्ठ विधायकों के इस तरह अचानक इस्तीफा देने से राज्य की सियासत और 'आप' के सांगठनिक खेमे में भारी हड़कंप मच गया है।
हरमीत सिंह पठानमाजरा (बाएं) और चेतन सिंह जौड़ामाजरा (दाएं) की फाइल फोटो (Respective Facebook Accounts)
सोशल मीडिया और केजरीवाल को भेजा इस्तीफा
दो वरिष्ठ नेताओं का इस्तीफा देने का अंदाज अलग-अलग रहा, लेकिन दोनों ने ही पार्टी नेतृत्व के प्रति असंतोष जताया है। सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने अपना आधिकारिक इस्तीफा सीधे 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भेजा है। पूर्व मंत्री और समाना के विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट के जरिए पार्टी छोड़ने के अपने फैसले का ऐलान किया। दिलचस्प बात यह है कि आम आदमी पार्टी ने शनिवार को जारी अपनी पहली सूची में समाना और सनौर दोनों में से किसी भी विधानसभा क्षेत्र के लिए प्रत्याशियों का आधिकारिक ऐलान नहीं किया था।
समाना सीट पर सुरजीत सिंह रखड़ा की नियुक्ति बनी वजह?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि समाना सीट पर पार्टी के भीतर काफी समय से अंतर्कलह चल रही थी। सितंबर में आम आदमी पार्टी ने पंजाब के पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा को समाना का हलका (विधानसभा क्षेत्र) प्रभारी नियुक्त किया था। रखड़ा को समाना सीट से 'आप' का सबसे संभावित प्रत्याशी माना जा रहा है। इसी फेरबदल से नाराज होकर मौजूदा विधायक और पूर्व मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने पार्टी से अपनी राहें अलग कर लीं।
विवादों में रहे हैं सनौर विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा
सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा पिछले कुछ समय से अपनी ही सरकार के कामकाज और नीतियों पर लगातार सवाल उठा रहे थे। इसके अलावा वे निजी कानूनी मामलों में भी विवादों से घिरे रहे हैं। पिछले साल जीरकपुर की एक महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ बलात्कार की धारा में केस दर्ज हुआ था। महिला ने आरोप लगाया था कि पठानमाजरा ने खुद को तलाकशुदा बताकर संबंध बनाए और 2021 में उससे शादी की, जबकि वे पहले से विवाहित थे। इस साल मार्च में पंजाब पुलिस की टीम ने दुष्कर्म मामले में उन्हें मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार किया था। मई में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय से पठानमाजरा को इस मामले में नियमित जमानत मिली थी। चुनाव की पहली सूची आते ही हुए इस दोहरे इस्तीफे ने 2027 के चुनावी समर में आम आदमी पार्टी के सामने टिकट बंटवारे और अंदरूनी कलह को संभालने की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
