Pune Pimpri Chinchwad Hooch Tragedy: महाराष्ट्र के पुणे शहर और उससे सटे पिंपरी-चिंचवड़ इलाके में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से मचे हाहाकार के बाद शासन ने अब तक की सबसे बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। अपने क्षेत्रों में अवैध शराब के नेटवर्क और तस्करी को रोकने में नाकाम रहने के आरोप में पुलिस और महाराष्ट्र आबकारी विभाग के 22 कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस भीषण कांड में अब तक 16 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, कुछ लोग गंभीर हालत में अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पूरे प्रकरण की जांच राज्य CID को सौंप दी गई है।
पुणे-पिंपरी जहरीली शराब कांड में बड़ा एक्शन
सस्पेंड हुए 22 अधिकारी
अवैध शराब माफियाओं से सांठगांठ और गंभीर लापरवाही बरतने पर तीनों विभागों ने मिलकर कुल 22 लोगों पर गाज गिराई है। पुणे पुलिस कमिश्नरेट के आदेश पर हड़पसर पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर संजय मोगले, असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर हसीना सिकलगर और सब-इंस्पेक्टर हसन मुलानी को निलंबित किया गया है। दापोडी पुलिस थाने के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर विजय वाघमारे, एक सब-इंस्पेक्टर और चार पुलिस कांस्टेबलों समेत कुल 6 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। साथ ही क्राइम ब्रांच के पुलिस निरीक्षक नरेंद्र ठाकरे को कंट्रोल रूम अटैच किया गया है। वहीं सबसे बड़ी गाज एक्साइज विभाग पर गिरी है। विभाग के अधीक्षक अतुल कानाडे के अनुसार, 3 इंस्पेक्टर, 6 सब-इनस्पेक्टर और 4 स्टाफ कर्मियों समेत कुल 13 आबकारी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
अब तक क्या-क्या हुआ: मौत के तांडव की इनसाइड स्टोरी
इस नकली शराब के सेवन से अब तक कुल 16 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें से पिंपरी-चिंचवड़ के फुगेवाड़ी (दापोडी) इलाके और पुणे के हड़पसर स्थित पांढरे मला क्षेत्र को मिलाकर कुल 16 लोगों की जान गई है। यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल अस्पताल (YCM) के डीन डॉ. राजेंद्र वाबले के मुताबिक, मृतकों और बीमार लोगों में सांस लेने में कठिनाई, मुंह से झाग निकलना, अत्यधिक चक्कर आना और बेहोशी जैसे लक्षण देखे गए। 5 लोग अब भी भर्ती हैं।
ऑनलाइन मेथनॉल मंगाकर बनाई शराब, मुख्य तस्कर समेत 8 गिरफ्तार
पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त छापेमारी में इस कांड के मुख्य तस्कर समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों जगहों पर जहरीली शराब की आपूर्ति करने वाले मुख्य आरोपी योगेश रामचंद्र वानखेड़े (23) को आबकारी विभाग ने दबोचकर पुलिस को सौंपा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने अत्यधिक नशा करने के लिए देसी शराब में जानलेवा मेथनॉल (Methanol) मिलाया था, जो लोगों के लिए जहर बन गया। योगेश के अलावा पुलिस ने करनेलसिंह विरका (73), गुरमंगतसिंह विरका (45), राधेशाम प्रजापति (35), इंदरजीत कौर (60), कल्पेश अग्रवाल (29) और आकाश जाधव को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर गैर-इरादतन हत्या (BNS की धारा 105) का केस दर्ज कर 8 जून तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।
यह बेहद गंभीर घटना है, नेटवर्क ध्वस्त करेंगे: मुख्यमंत्री
इस त्रासदी पर कड़ा रुख अपनाते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि यह बेहद गंभीर घटना है। इस मामले में तत्काल मुख्य तस्कर सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके पीछे के पूरे नेटवर्क की पहचान कर ली गई है और इसे जड़ से खत्म किया जा रहा है। पुलिस और आबकारी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं और लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। फिलहाल पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार के मुताबिक, घटनास्थल के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं और मृतकों के विसरा को फॉरेंसिक लैब (FSL) भेजा गया है। मामले की आगे की कमान अब पूरी तरह CID के हाथों में है।
