पुलिस आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए होती है। एक पीड़ित और परेशान इंसान जो बात किसी और से नहीं कहता है, वह पुलिस को बताता है, ताकि हर मुश्किल घड़ी में पुलिस उसकी सहायता कर सकते, लेकिन लोगों की सुरक्षा का वादा करने वाली पुलिस कब भक्षक बन रही है। इसका ताजा उदाहरण पुणे में देखने को मिला है, जहां एक एएसआई (सहायक उप निरीक्षक) रैंक के पुलिस अधिकारी ने एक नाबालिग के साथ दरिंदगी दिखाई है।
प्रतीकात्मक फोटो
घटना पुणे के कोल्हापुर की है। आरोपी पुलिस अधिकारी के खिलाफ सतारा पुलिस के बोरगांव थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। साथ ही नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए उसको थाने आने के लिए भी कहा गया है। इसके अलावा पुलिस ने हर तरीके से जांच करने के आदेश दिए हैं।
आरोपी के खिलाफ होगी आंतरिक जांच
मामले पर कोल्हापुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) शैलेश बालकवड़े से पीड़ित पक्ष ने अनुरोध किया गया है कि अगर आवश्यक हो तो आरोपी पुलिस अधिकारी के खिलाफ आंतरिक जांच कर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अभी तक पुलिस ने आरोपी पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार नहीं किया है। दूसरी ओर बोरगांव थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक सीएम मचले ने कहा है कि हमने आईपीसी की धारा 324 और पोक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत अपराध दर्ज किया है। हमने पूछताछ के लिए आरोपी की उपस्थिति की मांग की है।
आरोप: बस के अंदर किया दुष्कर्म
पुलिस ने मामले पर बताया है कि आरोपी कोल्हापुर पुलिस की कबड्डी टीम का हिस्सा था जो खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए सतारा भेजी गई थी। पुलिस ने बताया है कि आरोपी पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत में पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि नाबालिग के साथ कथित तौर पर चलती बस में यौन उत्पीड़न किया गया था। फिलहाल जांच कर रही पुलिस की टीम हर पहलू से मामले पर नजर रख रही है।
