लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिए मेट्रो ने उठाया यह कदम, घर पहुंचने का हो गया इंतजाम

शहरों में एक कोने से दूसरे कोने तक जाने के लिए मेट्रो सेवा किसी लाइफलाइन से कम नहीं है। लेकिन मेट्रो की सबसे बड़ी परेशानी लास्ट माइल कनेक्टिविटी की है। यही कारण है कि पुणे मेट्रो ने इस कमी को दूर करने कि लिए फीडर बस सर्विस शुरू की है।

मेट्रो तमाम शहरों की लाइफलाइन बन गई है। मेट्रो (Metro) से शहर के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंचना तो आसान हो जाता है। लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत लास्ट माइल कनेक्टिविटी की होती है। यानी घर से मेट्रो स्टेशन (Metro Station) और मेट्रो स्टेशन से दफ्तर या किसी अन्य जगह जाना चिंता और परेशानी की वजह बन जाता है। इसके लिए सिटी बसें, ऑटो और रिक्शा चलती हैं, लेकिन उनका मेट्रो के साथ तालमेल नहीं होता। इसी समस्या को दूर करने के लिए पुणे मेट्रो ने खास कदम उठाया और फीडर बस सर्विस (Feeder Bus Service) शुरू कर दी है।

Pune Metro Feeder Bus Service

पुणे मेट्रो की फीडर बस सर्विस शुरू

यहां से मिलेगी फीडर बस

महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (Maha-Metro) और पुणे महानगर परिवहन महामंडल लिमिटेड (PMPML) ने रामवाड़ी से खराड़ी तक फीडर बस सर्विस लॉन्च की है। यात्रियों को पुणे मेट्रो से लास्ट माइल कनेक्टिविटी देने के लिए यह सेवा शुरू की गई है, जिसके तहत रामवाड़ी मेट्रो स्टेशन से शैक्षणिक संस्थानों, आईटी पार्क, पुणे एयरपोर्ट, स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) और रेजिडेंशिल इलाकों तक फीडर बसें चलेंगी। पुणे महानगर परिवहन महामंडल लिमिटेड (PMPML) के चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर संजय खोटे ने इस सेवा का उद्घाटन किया। महा-मेट्रो के डायेक्टर विनोद कुमार अग्रवाल, एग्जक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. हेमंत सोनावड़े (एडमिनिस्ट्रेशन/पब्लिक रिलेशन्स), जनरल मैनेजर कैप्टन डॉ. राजेंद्र सानेर पाटिल (HR) व अन्य इस अवसर पर मौजूद थे।

हर 30 मिनट में चलेगी फीडर बस

यह नई फीडर बस सर्विस सात किमी का सफर तय करेगी, जिसमें रामवाड़ी स्टेशन, वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (WTC) और EON आईटी पार्क खराड़ी के बीच 17-20 स्टॉपेज होंगे। दो बसें सुबह 7.30 बजे से रात 9.30 बजे तक हफ्ते के सातों दिन हर 30 मिनट में चलेंगी। अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार पिंपरी चिंचवाड़ म्युनिसिपल स्टेशन (PCMC) से सिविल कोर्ट और वनाज से रामवाड़ी स्टेशन तक कुल 29 किमी के रूट में पुणे मेट्रो की सेवाएं पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की मांग को देखते हुए भविष्य में मेट्रो सेवा की फ्रिवेंसी बढ़ाने पर फैसला लिया जाएगा।

End of Feed