कूनो के जंगल में फिर गूंजी दहाड़, खुले में छोड़े गए विदेशी चीते; ‘प्रोजेक्ट चीता’ को मिली नई उड़ान

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में बोत्सवाना से लाए गए दो मादा चीतों को क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद सोमवार को खुले जंगल में छोड़ दिया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव यहां मौजूद रहे। देश में अब चीतों की कुल संख्या बढ़कर 57 हो गई है।

मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत बोत्सवाना से लाए गए दो मादा चीतों की क्वारंटीन अवधि पूरी हो गई है। जिसके बाद सोमवार को इन्हें खुले जंगल में छोड़ दिया गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी में यह प्रक्रिया पूरी की गई। अधिकारियों का कहना है कि इससे भारत में चीता पुनर्वास अभियान को नई गति मिलेगी।

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कूनो में खुले जंगल में पहुंचे बोत्सवाना से आए चीते

अधिकारियों के अनुसार, ’प्रोजेक्ट चीता’ का मकसद प्रदेश में विलुप्तप्राय चीता प्रजाति को फिर से स्थापित करना, उनकी संख्या बढ़ाना और उन्हें स्वतंत्र रूप से शिकार और विचरण के लिए तैयार करना है। बोत्सवाना से फरवरी में 9 चीतों को कूनो लाया गया था, जिनमें 6 मादा और तीन नर चीते शामिल थे। इन चीतों को भारत के मौसम और वातावरण के अनुरूप ढालने के लिए छोटे बाड़ों में रखा गया था। अब अनुकूलन और पृथकवास की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार को दो मादा चीतों को कूनो नदी के पास खुले जंगल में छोड़ दिया गया है। जिसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण भी किया।

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