उत्तराखंड में कूड़े से कमाल, इन दो शहरों में शुरू हुआ कचरे से बिजली और खाद का उत्पादन

उत्तराखंड में पर्यावरण संरक्षण में नई पहल हुई है। प्रदेश के दो शहरों रुद्रपुर और मसूरी में कूड़े से बिजली और खाद उत्पादन शुरू हो गया। वेस्ट टू एनर्जी संयंत्र से वर्तमान में रोजाना 30 टन कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है। हालांकि इसकी क्षमता रोजाना 50 टन कूड़े की निस्तारण की है।

Uttarakhand News: उत्तराखंड के दो शहरों में ‘वेस्ट टू एनर्जी’ मॉडल के तहत कूड़े से बिजली और खाद बनना शुरू हो गया है। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बढ़ती आबादी से शहरों में निकलने वाले कूड़े की मात्रा दिनों-दिन बढ़ रही है और नगर निकायों के सामने स्वच्छता से लेकर पर्यावरण प्रदूषण की चुनौती पेश आ रही है जिससे निपटने की राह रुद्रपुर नगर निगम और मसूरी नगर पालिका ने दिखाई है। उन्होंने बताया कि 40 वार्ड वाले रुद्रपुर नगर निगम में प्रतिदिन 105 से 118 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। रुद्रपुर नगर निगम ने नवंबर 2022 में पीपीपी मॉडल के तहत ‘वेस्ट टू एनर्जी’ संयंत्र पर काम प्रारंभ किया था। जिससे अब रोजाना छह किलोवॉट बिजली के साथ ही जैविक खाद का भी उत्पादन होने लगा है।

Waste to Energy

कूड़े से बिजली, खाद का उत्पादन (सांकेतिक फोटो)

रोजाना 30 टन कूड़े का निरस्तारण

इस संयंत्र की क्षमता प्रतिदिन 50 टन कूड़ा निस्तारण की है। हालांकि, वर्तमान में यह संयंत्र प्रतिदिन 30 टन कूड़ा निस्तारित कर पा रहा है जिससे बिजली के साथ ही ‘‘कल्याणी’’ नाम से जैविक खाद भी बन रही है। मसूरी नगर पालिका ने भी इसी साल मई से ‘वेस्ट टू एनर्जी’ संयंत्र से उत्पादन शुरू कर दिया है। पीपीपी मोड के इस संयंत्र की क्षमता प्रतिदिन आठ टन कूड़ा निस्तारण की है। इस कूड़े से नगर पालिका बायो गैस पैदा करने के साथ ही जैविक खाद का भी उत्पादन कर रही है। इससे मसूरी जैसे पयर्टक स्थल पर कूड़े की समस्या का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण संभव हो पाया है।

End of Feed