प्रयागराज: सुपरफास्ट ट्रेनों का हब बनेगा प्रयागराज, ट्रैक को बनाया जाएगा सबसे सुरक्षित

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 17, 2023, 07:51 PM IST

Prayagraj: उत्तर-मध्य रेलवे से गुजरने वाले दिल्ली-हावड़ा व दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर ट्रेनों की गति बढ़ाने से पहले इनकी सुरक्षा के लिए एक्सप्रेस वे के जैसे सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी। मिशन रफ्तार परियोजना के तहत वर्ष 2024 तक इन दोनों मार्गों पर ट्रेनों की अधिकतम गति 160 किमी प्रति घंटा किए जाने का लक्ष्य है। इन्हीं दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एनसीआर रेल प्रशासन ने ट्रैक के दोनों ओर अब मेटल बीम क्रैश बैरियर लगाने का निर्णय लिया है।

KEY HIGHLIGHTS
  • एनसीआर से गुजरने वाले रेल मार्ग पर सुरक्षा बढ़ेगी
  • ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 160 किमी प्रतिघंटा करने का है लक्ष्य
  • ट्रैक के दोनों ओर दीवार बनेगी व मेटल बीम क्रैश बैरियर लगेंगे


Prayagraj: उत्तर-मध्य रेलवे से गुजरने वाले दिल्ली-हावड़ा व दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर ट्रेनों की गति बढ़ाने से पहले इनकी सुरक्षा के लिए एक्सप्रेस वे के जैसे सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी। इसके अलावा एनसीआर के अधीन इन दोनों ही रेलमार्ग पर अब मेटल बीम क्रैश बैरियर भी लगाया जाएगा। इसके लिए एनसीआर रेल प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है।

Prayagraj Railway Update

सुपरफास्ट ट्रेनों का हब बनेगा प्रयागराज (प्रतीकात्मक तस्वीर)

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, मिशन रफ्तार परियोजना के तहत वर्ष 2024 तक इन दोनों मार्गों पर ट्रेनों की अधिकतम गति 160 किमी प्रति घंटा किए जाने का लक्ष्य है। रेलवे ट्रैक पर मवेशियों के आने के कारण आए दिन रेल संचालन बाधित होता है।

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