Prayagraj Flood: उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश अब कहर बरपाने लगी है। लगातार बारिश होने के चलते प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर बढ़ता जा रहा है, जिससे अब बाढ़ का खतरा भी गहरा रहा है। संगम के पास के घाट और मंदिर जलमग्न हो चुके हैं। प्रयागराज के प्रसिद्ध लेटे हनुमान मंदिर में भी गंगा का पानी प्रवेश कर चुका है। साथ ही घाट के आसपास कई रिहायशी इलाकों में भी पानी घुसने लगा है। प्रशासन ने राहत शिविरों की तैयारियां तेज कर दी हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। नदियों का जलस्तर यूं ही बढ़ते रहने पर आने वाले दिनों में राहत शिविरों को खोलना पड़ जाएगा।
प्रयागराज में मंडरा रहा बाढ़ का खतरा
आज दो संटीमीटर बढ़ी गंगा नदी
प्रयागराज में गंगा नदी का जलस्तर आज दो सेंटीमीटर और बढ़ा है। जिससे संगम के आसपास इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए समस्याएं बढ़ने लगी हैं। शहर का मौज गिरी घाट संगम स्थल से काफी दूर है। इसके बावजूद ये घाट पानी से पूरी तरह डूब चुका है। यहां तक की घाट पर लगे बिजली के खंभे भी लगभग डूब चुके हैं। घाट के जलमग्न होने से रोजाना शाम को होने वाली आरती भी अब बंद हो गई है।
नागवासुकी इलाके में घुसा पानी
प्रयागराज के नागवासुकी इलाके में भी आज सुबह बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इस इलाके में 350 घर बने हुए हैं। जिनमे से 20 से 25 घरों में बाढ़ का पानी घुस आया है। लोगों का कहना है कि यदि नदियां का जलस्तर इसी तेजी से बढ़ता रहा, तो जल्द ही पूरा इलाका जलमग्न हो जाएगा। इस इलाके में सड़कों पर लगी स्ट्रीट लाइट भी आधी डूब गई है। जिस कारण बिजली विभाग ने एहतियातन संवेदनशील इलाके में बिजली काट दी है। साथ ही लोगों से भी प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। माना जा रहा है कि नदियों का जलस्तर इसी तरह बढ़ने से 2 दिन बाद बघाड़ा इलाका भी जलमग्न हो जाएगा।
10 राहत शिविर पूरी तरह से तैयार
गंगा-यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ता देख प्रशासन भी एक्टिव मोड में आ चुका है। राहत शिविरों की तैयारियों तेजी से पूरी की जा रही हैं।एसडीएम सदर अभिषेक सिंह ने आज सुबह बक्शी बांध, सलोरी एसटीपी, बघाड़ा, सलोरी, बेलीगांव आदि इलाकों में बाढ़ से राहत की तैयारियों का निरीक्षण भी किया। शहर में एनी बेसेंट समेत अन्य इलाकों में 10 राहत शिविरों में तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है। लेखपाल लगवाकर ने सभी जगहों पर सफाई कराने के निर्देश दिए है।
