Prayagraj: कुछ दिनों पहले प्रयागराज के भारतगंज नगर पंचायत में स्थित राम जानकी मंदिर और बूढ़ेनाथ मंदिर पर कब्जे को लेकर एक मामला सामने आया था। पीड़ित पक्ष कृष्ण गोपाल और सतीश बहल का दावा है कि उनकी पैतृक संपत्ति पर बनी मंदिर पर कुछ लोग कब्जा करना चाहते हैं, जिसे लेकर 24 दिसंबर 2023 को हमला भी किया गया था। अब इसी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट कोर्ट से पीड़ितों को बड़ी राहत मिली है। उच्च न्यायलय ने अगले आदेश तक वंदन योजना के तहत होने वाले मंदिर के सौंदर्यीकरण पर रोक लगा दी है।
बूढ़ेनाथ मंदिर पर कब्जे को लेकर हाईकोर्ट से पीड़ित पक्ष को राहत
पीड़ित पक्ष ने अपनी याचिका में क्या कहा
मंदिर पर कब्जे की कोशिश के बाद पीड़ित पक्ष ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। पीड़ित पक्ष ने अपनी याचिका में दावा किया था कि प्रयागराज के भारतगंज नगर पंचायत में उनका पैतृक घर और पैतृक संपत्ति है। इसी पर बाबा बूढ़ेनाथ मंदिर और राम जानकी मंदिर नाम का निजी मंदिर बना है। इन्हीं दोनों मंदिरों के सौंदर्यीकरण का आदेश गैरकानूनी तरीके से यूपी सरकार के वंदन योजना के तहत किए जाने की घोषणा कर दी गई है। कुछ लोगों ने साजिश रच कर गैरकानूनी तरीके से नवंबर 2023 में बिना संपत्ति मालिक को सूचित किए, वंदन योजना के तहत इन दोनों निजी मंदिरों का सौंदर्यीकरण के लिए चयन करा दिया। इसके लिए बकायदा एक करोड़ छह लाख रुपये का बजट भी पास करवा दिया।
हाईकोर्ट से मिली राहत
जिसके बाद हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई और उच्च न्यायलय ने अगले आदेश तक वंदन योजना के तहत होने वाले मंदिर के सौंदर्यीकरण पर रोक लगा दिया है। कोर्ट ने कहा कि सभी प्रतिवादी, चार सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दायर कर सकते हैं। इसके बाद याचिकाकर्ताओं को जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए चार सप्ताह की अनुमति दी जाती है। मामले की अगली सुनवाई 15 मई 2024 को होगी।
