Magh Mela 2026: प्रयागराज का माघ मेला इस बार 'मिनी महाकुंभ' के रूप में होगा आयोजित, इस दिन से शुरू होगा आस्था का संगम

Magh Mela 2026: प्रयागराज में माघ मेले की तैयारियां जोरों से चल रही हैं। 2026 में होने वाला माघ मेला 'मिनी महाकुंभ' के रूप में होगा आयोजित जाएगा। बताया जा रहा है कि 75 साल बाद एक खास योग बना है, जिसके चलते इसे 'मिनी महाकुंभ' कहा जा रहा है। आस्था के इस संगम में भारी भीड़ के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

Magh Mela 2026: प्रयागराज में आस्था, श्रद्धा और अध्यात्म का केंद्र संगम की रेती एक बार फिर श्रद्धालुओं से सराबोर होने के लिए तैयार है। अगले साल 3 जनवरी 2026 से शुरू होने वाले माघ मेले को लेकर तैयारियां तेज हो गई है। माघ मेला को इस बार 'मिनी महाकुंभ' के रूप में आयोजित किया जा रहा है। माना जा रहा है कि 75 साल बाद माघ मेले के दौरान एक खास योग बन रहा है, जिसके चलते इसे मिनी महाकुंभ के रूप में मनाया जाने वाला है। मेले की तैयारियों ने पहली बार सोशल मीडिया पर भी अपनी जगह बनाई है। महाकुंभ में लोकप्रिय हुआ भक्ति गीत “प्रथम यज्ञ भूखंड धरा पे...” अब माघ मेला के रीलों और प्रमोशनल वीडियो में गूंज रहा है। जिलाधिकारी मनीष वर्मा ने पुष्टि की कि सभी विभागों ने अपनी निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस वर्ष मेले का क्षेत्रफल 770 हेक्टेयर से बढ़ाकर लगभग 1000 हेक्टेयर किया जा रहा है। इससे अधिक श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सकेगी।

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प्रयागराज में माघ मेला 2026 (Photo - Canva)

सुरक्षा और सुविधा के लिए सात सेक्टरों में विभाजन

श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए इस बार माघ मेले को सात सेक्टरों में बांटा गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि हर सेक्टर में एक कंट्रोल रूम स्थापित होगा, जो सीधे सेंट्रल कंट्रोल रूम से जुड़ा रहेगा। इससे मेले की व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा निगरानी करने में सहायता मिलेगी। इसके अलावा, प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने माघ मेले के लिए सात पांटून पुल (पोंटून ब्रिज) बनाने का निर्णय लिया है, जिससे आवागमन सुगम हो पाएगा। बता दें कि मंगलवार को आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया था, जिसमें मेले का नक्शा, ट्रैफिक प्लान और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इस बैठक में ड्रोन कैमरों से पूरे मेला क्षेत्र की लगातार निगरानी का फैसला लिया गया।

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