Prayagraj News: महाकुंभ 2025 की तैयारीयां जोरों पर चल रही है। महाकुंभ से पहले महत्वपूर्ण रेलमार्गों के दोहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। इस प्रकार हो रहे रेलमार्ग के दोहरीकरण से प्रयागराज से वाराणसी तक का सफर आसान हो जाएगा। दोहरीकरण और विद्युतीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इस कार्य के लिए रेलवे बोर्ड को 270.35 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिए गए हैं। प्रयागराज-जंघई रेलमार्ग पर हो रहे दोहरीकरण के बाद जंघई से होकर वाराणसी जाने में यात्रियों को कम समय लगेगा। उत्तर प्रदेश के विकास को बढ़ावा देने के लिए रेलवे का दोहरीकरण और विद्युतीकरण किया जा रहा है।
प्रयागराज से वाराणसी की दूरी होगी कम
प्रयागराज से वाराणसी रेल मार्ग
प्रयागराज से वाराणसी पर कुल तीन रेलमार्ग है। इन तीनों रेलमार्गों पर तीन अलग रेलवे जोन के हैं। इस रेलमार्ग में शामिल जोनल क्रमशः प्रयागराज जंक्शन-प्रयागराज रामबाग-ज्ञानपुर रोड-वाराणसी, प्रयागराज जंक्शन- मिर्जापुर-चुनार-काशी-वाराणसी और प्रयागराज जंक्शन- प्रयाग-फाफामऊ-जंघई-वाराणसी है। मिली जानकारी के अनुसार, फाफामऊ-जंघई रेल मार्ग को छोड़कर बचे सभी रेल मार्ग पर दोहरीकरण और विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। इसके साथ आपको बता दें कि जंघई से वाराणसी रेल मार्ग का दोहरीकरण और विद्युतीकरण पहले भी किया जा चुका है।
इस साल के अंत तक पूरा होगा कार्य
मिली जानकारी के अनुसार, जंघई-फाफामऊ रेल मार्ग कार्य का दोहरीकरण और विद्युतीकरण साल के अंत तक में पूरा करने का लक्ष्य है। महाकुंभ से पहले कार्य को पूरा किया जाना आवश्यक है। महाकुंभ 2025 के लिए तैयारी का कार्य जोरों से चल रहा है और उसके साथ रेलमार्ग के दोहरीकरण का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। लेकिन महाकुंभ से पहले प्रयागराज से फाफामऊ से बीच हो रहे दोहरीकरण का कार्य तेज हो रहा है। सरकार ने जंघई-फाफामऊ रेल मार्ग के दोहरीकरण और विद्युतीकरण को जल्दी पूरा करने के लिए 270.35 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है।
रेलमार्ग के दोहरीकरण के बाद से इन रूटों पर चलने वाली ट्रेनों की स्पीड बढ़ जाएगी। इससे अपने गंतव्य पर पहुंचने में लोगों को कम से कम समय लगेगा। इस कार्य के पूरा होने के बाद लोग वाराणसी से प्रयागराज जाने में कम समय लगेगा। महाकुंभ के दौरान यात्रा करने वाले लोग आसानी से वाराणसी के प्रयागराज जा सकते हैं। जानकारी के अनुसार, महाकुंभ 2025 के दौरान इन रूटों पर अधिक से अधिक ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।
