Prayagraj News: माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के खात्मे के बाद भी प्रयागराज में उनका आपराधिक नेटवर्क पूरी तरह निष्क्रिय नहीं हुआ है। अतीक और अशरफ के कब्जे से मुक्त कराई गई करोड़ों रुपये की कीमती सरकारी जमीनों पर एक बार फिर उसी सिंडिकेट के सक्रिय होने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। शहर के बीचों-बीच स्थित जिन जमीनों को उत्तर प्रदेश सरकार और प्रयागराज प्रशासन ने कड़े एक्शन के जरिए खाली कराया था, अब उन्हीं जमीनों पर दोबारा अवैध प्लाटिंग कर भोले-भाले लोगों को बेचने की शिकायतें मिली हैं। मामला उजागर होने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है।
जिस जमीन को मुक्त कराया था, फिर उसी की हुई प्लॉटिंग (2022 की तस्वीर)
विधायक पूजा पाल की शिकायत पर बैठी SIT
प्रयागराज की इस करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और प्लाटिंग के मामलों की गूंज शासन तक पहुंच गई है। विधायक और बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष पूजा पाल की आधिकारिक शिकायत के बाद प्रयागराज प्रशासन ने इस मामले की जांच तेज कर दी है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने तत्काल प्रभाव से अपर जिलाधिकारी सत्यम मिश्र की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। इस SIT में राजस्व, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन, प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) और पुलिस विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है, ताकि इस पूरे नेक्सस का पर्दाफाश किया जा सके।
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पीपल गांव में दोबारा कब्जे का खेल
प्रयागराज प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, इस जांच के दायरे में कई प्रमुख इलाके शामिल हैं, जहां जमीनों की हेराफेरी की गई है। एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के शाहा उर्फ पीपल गांव में आरोप है कि वर्ष 2022 में माफिया अतीक अहमद के अवैध कब्जे से कुर्क और मुक्त कराई गई करोड़ों रुपये की सरकारी भूमि पर भू-माफिया फिर से सक्रिय हो गए हैं। वहां अवैध प्लाटिंग कर आम लोगों को गुमराह करके जमीनें बेची जा रही हैं। SIT इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि इस पूरे खेल के पीछे कौन से बिचौलिए शामिल हैं, जो किसानों और सरकारी जमीनों का फर्जी सौदा कर अवैध कमाई कर रहे हैं।
प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि इस मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन द्वारा सभी चिन्हित भू-माफियाओं का एक विस्तृत डोजियर तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि मुक्त कराई गई सरकारी जमीनों पर अवैध प्लाटिंग की शिकायतें मिली हैं। एडीएम सिटी के नेतृत्व में गठित SIT पूरे नेटवर्क और मनी ट्रेल की गहराई से जांच कर रही है।
