कानपुर : लखनऊ में सोमवार को हुए अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश भर में फायर सेफ्टी और भवन सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। इसी क्रम में कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ बड़े पैमाने पर सीलिंग अभियान चलाया। 22 जून 2026 को चलाए गए इस अभियान में विभिन्न जोनों के कुल 16 संस्थानों और प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया।
कानपुर में कई कोचिंग संस्थान सील
केडीए के अनुसार जोन-1ए में 3, जोन-2बी में 5, जोन-3 में 3 तथा जोन-4 में 5 प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई। मौके पर केडीए अधिकारियों के साथ सुरक्षा बल भी मौजूद रहे। कार्रवाई के दौरान भवनों को सील कर प्रवेश द्वारों पर प्रतिबंधात्मक टेप लगाई गई तथा परिसर पर सीलिंग संबंधी सूचना अंकित की गई।
ये कोचिंग संस्थान सील
कार्रवाई की जद में आए प्रमुख संस्थानों में Physics Wallah (PW) Vidyapeeth, Vidyapeeth IIT-JEE/NEET Foundation, Sanjeev Rathore Chemistry for JEE/NEET (UG) Foundation, Mahendra's Coaching Institute तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले अन्य संस्थान शामिल हैं। तस्वीरों में कई कोचिंग परिसरों पर केडीए द्वारा सीलिंग की कार्रवाई स्पष्ट दिखाई दे रही है।
कानपुर विकास प्राधिकरण ने बताया कि प्रथम चरण में 22 अन्य प्रतिष्ठानों की भी पहचान की जा चुकी है। इनके दस्तावेजों, भवन मानचित्र, भूमि उपयोग, फायर सेफ्टी व्यवस्था, आपातकालीन निकास और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि लखनऊ अग्निकांड ने भीड़भाड़ वाले संस्थानों में सुरक्षा इंतजामों की वास्तविक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इसी कारण राज्य सरकार के निर्देश पर कोचिंग सेंटरों, व्यावसायिक भवनों और सार्वजनिक उपयोग वाले परिसरों का विशेष निरीक्षण किया जा रहा है।
केडीए ने स्पष्ट किया है कि चिन्हीकरण, निरीक्षण, सीलिंग और अन्य वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्राधिकरण का कहना है कि छात्रों और आम नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
लखनऊ अग्निकांड में 15 लोग घायल
आपको बता दें कि राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को तीन मंजिला इमारत में आग लगने के कारण झुलसने से 15 लोगों की मौत हो गई जबकि नौ लोग घायल हो गए। पुलिस ने इस मामले में इमारत के मालिकों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है जबकि लापरवाही बरतने के आरोप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले की पड़ताल के लिये विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गयी है।
