राहुल-तेजस्वी आ रहे जनता को पसंद; क्या बिहार में कांग्रेस की संजीवनी बन पाएगी वोटर अधिकार यात्रा?

काफी समय बाद बिहार में वोटर अधिकार यात्रा के बहाने कांग्रेस पार्टी की चर्चा हो रही है। यात्रा में लोगों की काफी भागीदारी भी दिख रही है, देखना होगा कि इस जनसमर्थन का कितना हिस्सा वोट में बदल पाएगा।

Voter Adhikar Yatra: बिहार की राजनीति में कांग्रेस पार्टी चर्चा में है, और इसकी सबसे बड़ी वजह बनी है वोटर अधिकार यात्रा। राहुल गांधी के नेतृत्व में निकली इस यात्रा ने कांग्रेस को न सिर्फ राजनीतिक जीवंतता दी है, बल्कि संगठनात्मक मजबूती और जनसमर्थन के नए रास्ते भी खोले हैं। यह यात्रा पार्टी के लिए एक राजनीतिक संजीवनी की तरह साबित हो रही है।

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वोटर अधिकार यात्रा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राजद नेता तेजस्वी यादव और CPI (ML) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य (चित्र साभार: PTI)

तीन दशक बाद कांग्रेस का चल रहा नाम

1990 के बाद सत्ता से बाहर हुई कांग्रेस धीरे-धीरे बिहार की मुख्यधारा की राजनीति से गायब होती चली गई थी लेकिन इस बार जब राहुल गांधी सड़कों पर उतरे, तो उनके साथ युवाओं का जोश, महिलाओं की भागीदारी और पार्टी कार्यकर्ताओं की सक्रियता साफ तौर पर देखने को मिली। यात्रा ने न केवल पार्टी को वोट चोरी, बेरोजगारी, पलायन और अपराध जैसे मुद्दों पर मुखर किया, बल्कि कांग्रेस को राजद की छाया से निकालकर एक स्वतंत्र और ताकतवर भागीदार के रूप में स्थापित कर दिया।

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