बिहार की राजनीति में इन दिनों भूचाल आया हुआ। जब से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2025 के विधानसभा चुनाव के लिए तेजस्वी यादव को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया। तब से महागठबंधन में बवाल मचा हुआ। इसका असर यह हुआ कि जदयू के कद्दावर नेता उपेंद्र कुशवाहा ने पार्टी से इस्तीफा देकर अलग पार्टी बना ली। इसको लेकर जब इस बारे में बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे सीएम बनने की जल्दी नहीं है, वर्तमान में नीतीश कुमार बिहार के सीएम हैं और वह महागठबंधन का नेतृत्व कर रहे हैं। हमारा अंतिम लक्ष्य 2024 तक बीजेपी को खत्म करना है।
बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव
I’m not in a hurry to become CM, currently, Nitish Kumar is the Bihar CM & he is leading the Mahagadhbandan. Our ul… t.co/kjSKT8trgD
— ANI (@ANI) Feb 22, 2023
महागठबंधन में तेजस्वी यादव के कद बढ़ने से परेशान थे उपेंद्र कुशवाहा
गौर हो कि तेजस्वी यादव के महागठबंधन में कथित तौर पर बढ़ते कद से नाराज उपेंद्र कुशवाहा ने सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू में लौटने के दो साल से भी कम समय में ही एक बार फिर से इस्तीफा दे दिया और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक जनता दल नामक की नई पार्टी के गठन की घोषणा की। कुशवाहा ने यह भी ऐलान किया कि वह बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे। कुशवाहा ने आरोप लगाया कि नीतीश ने यह संकेत देकर कि डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव महागठबंधन के भावी नेता होंगे, राजनीतिक पूंजी गिरवी रख दी।
पहले भी जदयू छोड़ चुके हैं कुशवाहा
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से कुछ समय पहले नरेंद्र मोदी सरकार से इस्तीफा देने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री बीजेपी के साथ संभावित पुनर्मिलन के सवाल को टाल गए। उन्होंने कहा कि मैंने बड़े भाई नीतीश कुमार से कुछ सबक सीखा है। कुशवाहा ने यह भी स्वीकार किया कि वह अब जदयू में असंतुष्ट खेमे को एकजुट करने की कोशिश करेंगे। गौर हो कि कुशवाहा ने 2013 में जदयू छोड आरएलएसपी बनाई थी और आठ साल बाद अपने इस दल का जदयू में फिर से विलय कर लिया था।
ललन सिंह ने कुशवाहा को अति महत्वाकांक्षी बताया
जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने अपनी पार्टी के संसदीय बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष कुशवाहा को अति महत्वाकांक्षी बताया दिया। उन्होंने कहा कि कुशवाहा को पार्टी के भीतर वापसी का सभी ने विरोध किया था, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आग्रह पर उनकी जदयू में फिर से वापसी हुई थी और कुशवाहा ने आश्वासन दिया था कि अब मैं यहीं जिऊंगा और मरूंगा। उन्होंने कहा कि कुशवाहा को 2018 में एनडीए छोड़ने के बाद आरजेडी के साथ गठबंधन किया था और उन्हें तब तेजस्वी यादव ठीक लग रहे थे।
