पटना : बिहार विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। वोटर पुनरीक्षण समेत कई मुद्दे राज्य में छाए हुए हैं। विभिन्न पार्टियां वोटर को अपने पक्ष में करने की कवायत अभी से कर रहे हैं। इसी बीच राज्य के आगामी मुखिया को लेकर भी सर्वे जारी है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव बहिष्कार के मुद्दे पर चर्चा करने का संकेत दिया है। हाल के सर्वेक्षणों में तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद के लिए 35 प्रतिशत से अधिक समर्थन प्राप्त है, जबकि वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 20 प्रतिशत से नीचे हैं। चिराग पासवान और सम्राट चौधरी को भी कुछ वोट मिले हैं, लेकिन वे अंततः एनडीए के साथ रहने की संभावना रखते हैं।
क्या बोले तेजस्वी?
हिंदुस्तान की खबरे के हवाले से तेजस्वी का यह बयान, जिसमें उन्होंने चुनाव बहिष्कार की संभावना पर चर्चा करने की बात कही, महागठबंधन के रणनीतिक दृष्टिकोण का हिस्सा हो सकता है। विपक्ष ने वोटर लिस्ट के गहन पुनरीक्षण का विरोध किया है, यह आरोप लगाते हुए कि यह सरकार विरोधी मतदाताओं के नाम काटने की साजिश है। तेजस्वी ने कहा कि अगर चुनाव में बेईमानी की गई है, तो चुनाव नहीं कराना चाहिए। उन्होंने महागठबंधन के समर्थकों को निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार रहने का संदेश दिया है।
55 लाख वोटरों के नाम कटने के संकेत
चुनाव आयोग ने बताया है कि वोटर लिस्ट रिवीजन का काम अंतिम चरण में है और लगभग 55 लाख वोटरों के नाम कट सकते हैं। आयोग ने 1 अगस्त को मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी करने की योजना बनाई है, जिस पर 1 सितंबर तक आपत्तियां और दावे लिए जाएंगे।
