Patna AQI: पटना में हवा की गुणवत्ता का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। शहर का एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) गुरुवार की देर शाम 292 पहुंच गया था। शुक्रवार की दोपहर एक्यूआई 246 रिकॉर्ड हुआ है। जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही है, वैसे-वैसे एक्यूआई खराब होता जा रहा है। पटना के अलावा कई और शहरों का एक्यूआई 250 से अधिक पहुंच गया है। इस संबंध में बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पार्षद के अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार घोष का कहना है कि, सूबे में प्रदूषण के स्तर में काफी बढ़ोतरी हो गई है, जिसका मूल कारण ठंड बढ़ना एवं धूल-कण का उड़ना है। एक्यूआई का खराब होना मौसम जनित समस्या है। वातावरण के साफ होते ही वायु प्रदूषण में कमी आएगी।
प्लास्टिक जलने से निकल रही जहरीली हवा
पर्यावरण विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए सड़कों से बालू हटवाया जाना बेहद जरूरी है। इसके लिए समय-समय पर सड़कों की धुलाई कराई जानी चाहिए, ताकि धूल-कण की मात्रा कम हो सके। इसके अलावा सड़क किनारे लगे पेड़-पौधों पर जमे धूल-कण को हटाने के लिए पानी का छिड़काव कराया जाए।
शहर और उसका एक्यूआई
पटना का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 246 है। सूबे में सबसे खराब हवा बेतिया की है। यहां का एक्यूआई 421 रिकॉर्ड हुआ है। पूर्णिया का एक्यूआई 420, दरभंगा का 397, मोतिहारी का 392, सीवान का 391, बेगूसराय का 391, बक्सर का 366, सहरसा का 347, कटिहार का 347, मुजफ्फरपुर का 326, छपरा का 318, समस्तीपुर का 304, बिहारशरीफ का 284, भागलपुर का 291 दर्ज किया गया है।
वायु प्रदूषण के मानक: एक्यूआई
0-50- अच्छा
50-100 - संतोषजनक
100-200 - मध्यम
200-300 -खराब
300-400 -बहुत खराब
400 से अधिक - खतरनाक
