Bihar News: बिहार के बेतिया में एक फर्जी महिला डॉक्टर ऊषा देवी को उसके अवैध नर्सिंग होम में गलत इलाज के कारण एक महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत के मामले में गिरफ्तार किया गया है। लेकिन इस गिरफ्तारी में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
फर्जी डॉक्टर की गिरफ्तारी में हुई सांसत (प्रतीकात्मक तस्वीर)
पुलिस पर हुआ हमला
यह घटना अर्जुन नगर के राज शिव मंदिर के पास की है, जहां ऊषा देवी नाम की एक फर्जी डॉक्टर बिना लाइसेंस के नर्सिंग होम चला रही थी। इस महिला पर आरोप है कि इसने गलत इलाज करके एक नवजात की जान ले ली थी। जब पुलिस उसके घर पहुंची तो इस दौरान पुलिस टीम पर ऊषा देवी और उसके परिजनों ने हमला किया, जिसमें पुलिस वालों के ऊपर मिर्ची पाउडर भी फेंका गया। काफी मेहनत के बाद एएसपी दिव्यांजली कुमारी के नेतृत्व में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया।
शनिवार को हुई थी जच्चा-बच्चा की मौत
शनिवार को ऊषा देवी के नर्सिंग होम में एक बच्चे और मां दोनों की लापरवाही के चलते मौत हो गई थी। सिगड़ी बहुअरी गांव की निवासी संदीप राम की पत्नी चिन्ता देवी को ऊषा देवी के एजेंटों ने बहला-फुसला कर नर्सिंग होम में भर्ती कराया। वहां उसने बच्चे को जन्म दिया लेकिन अधिक रक्तस्राव के कारण महिला और नवजात दोनों की मौत हो गई। इसके बाद फर्जी डॉक्टर फरार हो गई।
तड़के तीन बजे तक चली कार्रवाई
ऐसे मामले में पहले से ही ऊषा देवी के खिलाफ तीन केस दर्ज हैं। इस सबंध में पुलिस को यह सूचना मिली की फर्जी डॉक्टर ऊषा देवी अस्पताल वाले अपने घर के ऊपरी मंजिल में ही छुपी हुई हैं। जिसके बाद आईपीएस अधिकारी एएसपी दिव्यांजली कुमारी के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंच गई। पुलिस की यह कार्रवाई सुबह तीन बजे तक चली। एएसपी ने बताया कि इस सबंध में मामला दर्ज कर गिरफ्तार फर्जी चिकित्सक को जेल भेजने की कारवाई की जा रही है। इस घटना ने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश दिखा था।
