Darbhanga DMCH News: बिहार का स्वास्थ्य विभाग हमेशा चर्चा में रहता है। कभी डॉक्टरों की वजह से, तो कभी अस्पताल प्रबंधन की वजह से अक्सर सुर्खियों में बना रहता है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है उत्तर बिहार के बहुचर्चित अस्पताल दरभंगा मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल (DMCH) से। जहां डॉक्टरों ने मोबाइल की रोशनी में तीन घंटे तक दो प्रसूता का उपचार किया और उसकी डिलीवरी करवाएं।
डीएमसीएच।
डीएमसीएच में तीन घंटे बिजली गुल
दरअसल, दरभंगा में बुधवार को दिनभर बूंदाबांदी हो रही थी, जिस वजह से लाइट की व्यवस्था चरमरा गई और डीएमसीएच के एमसीएच गायनिक, ऑर्थो ,सर्जरी वार्ड, मेडिसिन वार्ड में करीब तीन घंटे तक लाइट नहीं आई। इस दौरान इन वार्डों में पूरी तरह से अंधेरा छाया रहा।
मोबाइल की रोशनी में बच्चे का जन्म
डीएमसीएच में जब बिजली गुल थी, तभी वहां दो प्रसूता का उपचार किया गया और डॉक्टर ने मोबाइल की रोशनी में प्रसूताओं का सिजेरियन किया। गनीमत रही कि दोनों महिलाओं की नॉर्मल डिलीवरी हुई। इसके अलावा दर्जनों मरीज बिजली आने की प्रतीक्षा में बैठे रहे। इनमें कई प्रसूता भी शामिल थीं। मरीजों के परिजनों का कहना है कि डीएमसीएच की व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है।
मरीजों को हुई परेशानी
बता दें कि अस्पताल में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था न होने से मरीजों की काफी परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं, डॉक्टर भी अंधेरे में जूझते दिखे। बिजली न होने से मोबाइल की रोशनी में ही दवा के नाम लिखे गए और उसी रोशनी में बच्चे का बुखार भी मापा गया। इस दौरान मरीजों को कई प्रकार की समस्याएं हुई।
