कृषि-उद्योग के लिए कम नहीं पड़ेगी बिजली, गांवों को भी 22 घंटे मिल रही लाइट; जानिए क्या है नीतीश सरकार का प्लान

नीतीश सरकार में कृषि और उद्योग के लिए अब बिजली की कमी नहीं होगी। बिजली के क्षेत्र बिहार सरप्लस राज्य बन गया है। किसानों को कृषि कार्य के लिए जो बिजली मिलती है, उस पर 92 फीसदी तक की छूट दी जा रही है। ऐसे में नीतीश सरकार किसानों को महज 55 पैसे प्रति यूनिट बिजली दे रही है।

बिहार बिजली के क्षेत्र में पहले ही आत्मनिर्भर राज्य बन चुका है। यहां शहर तो दूर गांवों में भी 22 से 24 घंटे तक लोगों की बिजली मिल रही है। बावजूद इसके बिहार में अब भी बिजली उत्पादन की नई नई इकाइयां लग रही हैं। दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कुशल नीतियों की वजह से बिहार अब औद्योगिकीकरण की ओर कदम बढ़ा चुका है। स्वाभाविक है प्रदेश में नई-नई फैक्ट्रियां लगेंगी, तो आने वाले समय में बिजली की भी खपत बढ़ेगी। ऐसे में सरकार पहले से ही बिजली का पूरा प्रबंध कर रही है। इसके लिए राज्य भर में नए-नए बिजली संयंत्र, पॉवर ग्रिड स्टेशन और पॉवर ग्रिड सब स्टेशन लगाए जा रहे हैं। इसके अलावे कृषि के लिए भी किसानों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिया जा रहा है। बड़ी बात ये कि किसानों को कृषि कार्य के लिए जो बिजली मिलती है, उस पर 92 फीसदी तक की छूट दी जा रही है। ऐसे में नीतीश सरकार किसानों को महज 55 पैसे प्रति यूनिट बिजली दे रही है।

Bihar power generation

बिहार में बिजली की निर्बाध आपूर्ति

पहली की सरकारों में गुल रहती थी बिजली

साल-2005 से पहले एक समय था जब बिहार में बिजली रहती ही नहीं थी। लेकिन आज नीतीश सरकार में बिहार सरप्लस बिजली उत्पादन वाला राज्य बन चुका है। ऐसे में बिहार आज न सिर्फ बिजली की अपनी जरूरतों को पूरा कर रहा है बल्कि अन्य राज्यों को बिजली सप्लाई करने की स्थिति में भी आ चुका है। वर्ष 2004 के आसपास बिहार एक ऐसा राज्य था जिसका अपना कोई पावर जेनेरेशन यूनिट नहीं था।बिहार को बिजली के मामले में केंद्रीय कोटे पर निर्भर रहना पड़ता था। मुश्किल से 700 से 750 मेगावाट तक बिजली की आपूर्ति होती थी, लेकिन श्री नीतीश कुमार के सत्ता में आते ही हालात बदलने लगे। और आज बिहार बिजली उत्पादन के मामले में अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश सरकार ने बिजली की स्थिति को सुधारने के लिए सबसे पहले बरौनी और कांटी थर्मल पावर को पुनर्जीवित किया और जिसका बाद में विस्तारीकरण किया गया।

End of Feed