Patna Police: बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी के नाम पर साइबर अपराधियों ने ठगी का प्रयास किया है। साइबर ठगों ने ठगी का प्रयास भी मंत्रिमंडल सचिवालय के उप सचिव देवेंद्र कुमार से किया। हालांकि उप सचिव साइबर ठगों के झांसे में नहीं आए। उन्होंने सचिवालय थाने में अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है। अब सचिवालय पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जुट गई है। वहीं, आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की टीम ने भी जांच शुरू कर दी है।
पटना में मुख्य सचिव के नाम पर साइबर ठगी का प्रयास
दरअसल, मंत्रिमंडल सचिवालय के उप सचिव देवेंद्र कुमार के व्हाट्सएप पर अज्ञात नंबर से मैसेज आया। उस नंबर में डीपी मुख्य सचिव का लगा था। उप सचिव ने कहा कि उन्हें मैसेज किया गया-हेलो कुमार हाउ आर यू। वेयर आर यू एट द मूमेंट। तब उन्होंने इसका जवाब दिया और ऑफिस पहुंच गए। उन्हें लगा कि कोई मीटिंग है, इसलिए सर खोज रहे हैं।
मुख्य सचिव के नंबर पर कॉल करने पर खुला राज
जब उप सचिव ऑफिस पहुंचे तो वहां कोई नहीं मिला। इस पर उन्होंने मुख्य सचिव को कॉल किया, तब उन्हें जानकारी हुई की उन्होंने उप सचिव को कोई कॉल ही नहीं किया है। इसके बाद उप सचिव को एहसास हो गया कि उनके साथ ठगी की कोशिश की गई है। बता दें इससे पहले भी साइबर ठगों ने कई आईएएस अधिकारियों के नाम पर ठगी की कोशिश की है। अपराधी अधिकारियों के मातहत कर्मियों को व्हाट्सएप मैसेज कर गिफ्ट वाउचर की मांग करते हैं। अब तक पुलिस ने इन मामलों में कोई भी बड़ी कार्रवाई नहीं की है।
अपर मुख्य सचिव की तस्वीर के माध्यम से भी ठगी का प्रयास
साइबर ठगों ने इससे पहले स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की तस्वीर का व्हाट्सएप पर डीपी लगाकर विभाग के पदाधिकारियों और कर्मियों से ठगी का प्रयास किया है। मामले में 24 सितंबर को एयरपोर्ट थाने में शिकायत दर्ज करवाई गई थी। ऐसा ही एक और मामला 20 सितंबर को गांधी मैदान थाने में दर्ज कराया गया है। साइबर ठगों ने उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप पौड्रिक की तस्वीर लगाकर ठगी का प्रयास किया था। इतना ही नहीं पटना के कमिश्नर कुमार रवि और डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह के नाम पर भी ठगी की कोशिश की जा चुकी है।
